Indore fake mawa factory पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। टीम ने गुरुवार को अहीरखेड़ी स्थित श्री श्याम फूड एजेंसी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मावा बनाने की प्रक्रिया सामने आई। अधिकारियों ने मिलावट की आशंका जताई है।
टीम को मौके पर प्रतिष्ठान के प्रभारी कानसिंह राजपुरोहित मिले। वे मावा निर्माण से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। परिसर में खाद्य पदार्थ बनाने के लिए उपयुक्त श्रेणी का पंजीयन भी नहीं मिला। इसलिए विभाग ने प्रतिष्ठान का कारोबार तुरंत बंद करा दिया।
Indore fake mawa factory में क्या मिला
अधिकारियों के अनुसार पहले दूध से फैट निकाला जाता था। इसके बाद बचे दूध में स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाया जाता था। परिसर में वनस्पति तेल भी मिला था। इस तरीके से असली जैसा दिखने वाला मावा तैयार किया जा रहा था।
फैक्ट्री में त्योहार के मौसम के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा था। हालांकि अधिकारियों ने अभी मिलावट की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस मामले को आशंका के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
टीम ने मौके से करीब 298 किलो मावा जब्त किया। इसके साथ 28 किलो वनस्पति और 15 किलो सूजी भी जब्त की गई। कुल जब्त सामग्री 341 किलो बताई गई है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 75,000 रुपये है।
5 सैंपल जांच के लिए भेजे गए
टीम ने मौके से कुल 5 सैंपल लिए हैं। इनमें मीठे मावे के 2 सैंपल शामिल हैं। वनस्पति, सूजी और स्किम्ड मिल्क पाउडर का एक-एक सैंपल लिया गया। सभी सैंपल Bhopal की राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
मिलावट की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। Amar Ujala की रिपोर्ट के अनुसार रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि हुई तो सीधे कोर्ट केस होगा। अधिकारियों के अनुसार FIR दर्ज करके जेल भेजने की कार्रवाई भी होगी।
Diwali से पहले जांच अभियान तेज
Diwali से पहले मिठाई की मांग बढ़ जाती है। इसीलिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में टीमें निरीक्षण कर रही हैं। खाद्य सुरक्षा आयुक्त मनोज पुष्प के निर्देश पर कार्रवाई हुई है।
उसी दिन विभाग ने 5 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। टीम ने कुल 12 सैंपल जांच के लिए लिए थे। पालदा स्थित मार्बल्लो फूड प्रोडक्ट्स में अस्वच्छ परिस्थितियां मिलीं। अहीरखेड़ी की सोनपापड़ी इकाई में पेस्ट कंट्रोल प्रमाणपत्र नहीं मिला।
विभाग ने कहा कि त्योहार तक अभियान जारी रहेगा। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे भरोसेमंद दुकानों से ही मिठाई खरीदें। पैकेट पर लेबल और पंजीयन की जानकारी जरूर जांचें। किसी भी संदेह पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी जा सकती है।
