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BMC Borivali Demolition: SC की फटकार, 27 ढांचे गिराए

Dainik R Times
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मुंबई में BMC Borivali Demolition बुधवार सुबह शुरू हुई। बीएमसी ने बोरीवली ईस्ट में 27 व्यावसायिक ढांचे गिरा दिए। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार के एक दिन बाद हुई। कोर्ट ने मंगलवार को बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े का वेतन रोक दिया था। यह जमीन बेस्ट बस स्टेशन के लिए आरक्षित है।

BMC Borivali Demolition: 27 ढांचे, 3,400 वर्ग मीटर जमीन

बीएमसी की यह कार्रवाई बुधवार सुबह सात बजे शुरू हुई। स्वामी विवेकानंद रोड पर स्थित करीब 3,400 वर्ग मीटर के भूखंड से अतिक्रमण हटाया गया। यह जमीन नगर नियोजन योजना-दो के तहत बेस्ट बस स्टेशन के लिए आरक्षित है। कार्रवाई में करीब 70 कर्मचारी, दो जेसीबी और चार डंपर लगाए गए। बीएमसी के आर-मध्य वार्ड ने इस अभियान को अंजाम दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने वेतन क्यों रोका

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने बीएमसी आयुक्त को फटकार लगाई थी। पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना शामिल थे। कोर्ट ने आयुक्त से पूछा कि अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इसके साथ ही नवंबर का वेतन एक दिसंबर तक रोकने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने बीएमसी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। आयुक्त की 30 दिन की मोहलत की मांग को भी खारिज कर दिया गया।

जमीन विवाद की लंबी कहानी

बोरीवली का यह भूखंड कई साल से बीएमसी और एक निजी विकासकर्ता के बीच विवाद में फंसा था। अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने विकासकर्ता को अतिक्रमण मुक्त जमीन सौंपने का आदेश दिया था। इसके साथ ही प्रशासनिक भवन भी सौंपना था। नवंबर 2025 में कोर्ट ने चिंता जताई थी कि अतिक्रमण अब तक नहीं हटाया गया है। फटकार के बाद बीएमसी ने बुधवार को कार्रवाई पूरी कर दी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। दिल्ली में एक वकील पर FIR का मामला भी अदालत से जुड़ी खबरों में चर्चा में है। वहीं दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर भी प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। द क्विंट की खबर के मुताबिक बीएमसी की यह कार्रवाई अदालत के आदेश का सीधा नतीजा है।

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