दिवाली की सुबह दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। Delhi AQI सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर 483 दर्ज किया गया। यह आंकड़ा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का है। शनिवार सुबह 8 बजे यही आंकड़ा 364 था। सुबह 5 बजे के आसपास समग्र सूचकांक 382 से 384 के बीच था। इसके बाद धुंध बढ़ती गई और आंकड़ा तेजी से ऊपर चढ़ा।
सुबह के आंकड़ों में 11 निगरानी केंद्रों पर सूचकांक 400 से ऊपर रहा। जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा 450 सूचकांक दर्ज किया गया। पंजाबी बाग में 449 और आरके पुरम में 448 आंकड़ा रहा। बवाना में 444 और आईआईटी दिल्ली में 443 सूचकांक दर्ज हुआ। इंडिया गेट के आसपास 398 आंकड़ा रहा, जो बहुत खराब श्रेणी है। अक्षरधाम में 336 और आनंद विहार में 328 सूचकांक रहा।
Delhi AQI: GRAP-3 की पाबंदियां लागू
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 6 नवंबर को GRAP का तीसरा चरण लागू किया था। यह पाबंदियां दिल्ली-एनसीआर में लागू हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगी है। सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ाया गया है। हालांकि हवा में सुधार अब तक नहीं दिखा है। क्योंकि दिवाली पर पटाखों का धुआं भी बढ़ेगा, इसलिए प्रशासन सतर्क है।
दिल्ली सरकार ने बाहरी राज्यों के बीएस-6 मानक से नीचे के वाहनों पर रोक लगा दी है। यह रोक 1 नवंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेगी। बीएस-4 या उससे नीचे के मालवाहक वाहनों को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय ने 7 नवंबर से पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड तरीके से चलाने का निर्देश दिया है। लेकिन प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
सेहत की सलाह और आगे की स्थिति
विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग सुबह की सैर से बचें। बाहर निकलते समय मास्क पहनना बेहतर रहेगा। बच्चे और बुजुर्ग खास सावधानी बरतें। दिवाली की रात पटाखों से धुआं और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिन हवा की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। इसलिए अगले 24 घंटे अहम माने जा रहे हैं।
GRAP-3 दिल्ली-एनसीआर में लागू होने की खबर पहले भी सुर्खियों में रही थी। दिल्ली AQI धनतेरस पर भी गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। इस खबर की विस्तृत जानकारी हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्ट में पढ़ी जा सकती है।
