ओमान की खाड़ी में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को सेंट किट्स के ध्वज वाले मालवाहक जहाज Huda जहाज को अक्षम कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि जहाज के चालक दल ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। इसके बाद अमेरिकी बलों ने जहाज को रोका। कमांड का कहना है कि जहाज ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
दूसरी ओर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक और खबर दी। होरमुज जलडमरूमध्य के पास दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकरा गए। इसके बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई। ईरानी मीडिया ने केशम, जास्क, सिरिक और बंदर अब्बास में धमाकों की खबर भी दी है। हालांकि इन धमाकों के कारण के बारे में अभी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।
Huda जहाज पर क्या हुआ
अमेरिकी सेना ने कहा कि Huda जहाज के चालक दल ने चेतावनी के बावजूद रास्ता नहीं बदला। इसलिए बलों ने जहाज को अक्षम कर दिया। यह अक्टूबर के बाद पहली बार है जब अमेरिकी बलों ने किसी जहाज को इस तरह रोका है। इससे पहले 10 अक्टूबर को ओशन मोलिका नाम के जहाज पर कार्रवाई हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जुलाई से अब तक पांच जहाजों को रोका जा चुका है। इसके अलावा करीब 147 जहाजों ने अपना रास्ता बदला है।
इसी बीच अमेरिका ने ईरान की आपूर्ति रोकने के लिए एक नया टास्क फोर्स भी बनाया है। इसका नाम टास्क फोर्स आयरन गेट रखा गया है। इसमें करीब 20 जवान शामिल हैं। यह दल फ्लोरिडा के टैम्पा में काम करेगा। इसका काम ईरान की जमीन और कैस्पियन सागर से होने वाली हथियारों की आवाजाही को रोकना है। इसलिए खाड़ी में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। तनाव इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि खाड़ी से गुजरने वाले जहाज निशाने पर आ रहे हैं।
खाड़ी में तनाव क्यों बढ़ा
रविवार सुबह संयुक्त अरब अमीरात के नेशनल गार्ड ने 22 नाविकों को बचाया। ओमान की खाड़ी में एक मालवाहक जहाज में आग लग गई थी। गार्ड के तटरक्षक दल को जहाज के चालक दल से मदद की सूचना मिली थी। इसके बाद विशेष दलों ने जहाज को खोजा और सभी 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी नाविक अरब देशों के नागरिक हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। हालांकि UAE ने जहाज का नाम नहीं बताया है। आग का कारण भी अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
इसलिए इस बचाव को Huda जहाज की घटना से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। लेकिन दोनों घटनाएं एक ही दिन खाड़ी में हुई हैं। इससे पहले शुक्रवार को केशम द्वीप पर हमला हुआ था। इसी बीच इजरायल में सरकार बनाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। Gulf News की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि ईरान ने अपने मिसाइल कार्यक्रम की सीमा हटाने का संकेत दिया है। आने वाले दिनों में खाड़ी की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
