ग्वालियर में अमित शाह की मौजूदगी में अभ्युदय मध्य प्रदेश विकास शिखर सम्मेलन, 2 लाख करोड़ निवेश की तैयारी

ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित अभ्युदय मध्य प्रदेश विकास शिखर सम्मेलन 2025 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिसंबर को ग्वालियर का दौरा करेंगे। यह आयोजन भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जिससे इस कार्यक्रम का ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व और भी बढ़ जाता है।
यह भव्य शिखर सम्मेलन ग्वालियर के मेला ग्राउंड में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, उद्योगपति, निवेशक और ग्वालियर-चंबल अंचल के हजारों लाभार्थी शामिल होंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य इस मंच के माध्यम से निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
2 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की आधारशिला
इस शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की आधारशिला रखी जाएगी। यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों जैसे उद्योग, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, कृषि आधारित उद्योग और सेवा क्षेत्र में किया जाएगा। इससे न केवल ग्वालियर-चंबल अंचल बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
10,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
सम्मेलन के दौरान लगभग 10,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा। इनमें सड़क, बिजली, पानी, औद्योगिक पार्क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे।
निवेशकों के लिए बड़ा मंच
अभ्युदय मध्य प्रदेश विकास शिखर सम्मेलन निवेशकों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगा। भूमि आवंटन, आशय पत्र (LOI), एमओयू और अन्य औपचारिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया इसी कार्यक्रम के दौरान पूरी की जाएगी। इससे निवेशकों को राज्य सरकार की नीतियों और सुविधाओं को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र पर विशेष फोकस
यह सम्मेलन विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास पर केंद्रित है, जो लंबे समय से औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों की प्रतीक्षा कर रहा था। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े निवेश से इस क्षेत्र में पलायन रुकेगा और स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा।
विकास और सुशासन का संदेश
यह आयोजन केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य सरकार के विकास, सुशासन और समावेशी विकास के दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित यह शिखर सम्मेलन उनके विकासवादी विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है।





