केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में पदयात्रा निकाली। इसके बाद उन्होंने एक सभा को संबोधित किया। शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस को जमकर घेरा। उन्होंने राहुल गांधी की दिल्ली रैली को ‘घुसपैठिया बचाओ’ रैली बताया (Amit Shah Hyderabad)।
Amit Shah Hyderabad: पदयात्रा में हजारों समर्थक
शाह ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली। यह यात्रा बशीरबाग के बाबू जगजीवन राम की मूर्ति से मोजमजाही मार्केट तक गई। यात्रा करीब डेढ़ से दो किलोमीटर लंबी थी। हजारों भाजपा समर्थक तिरंगा लेकर उनके साथ चले।
पदयात्रा से पहले शाह ने चारमीनार के पास भाग्य लक्ष्मी मंदिर में पूजा की। बेगमपेट हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने उनका स्वागत किया। शाह ने मोजमजाही मार्केट में सभा को संबोधित किया।
राहुल गांधी पर तीखा हमला
शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली में रैली की थी। उन्होंने इसे ‘वोट बचाओ’ रैली बताया था। शाह ने कहा कि यह ‘वोट बचाओ’ रैली नहीं थी। यह ‘घुसपैठिया बचाओ’ रैली थी।
शाह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे। राहुल गांधी ने दो दिन पहले नकली संसद का आयोजन किया था। शाह ने कहा कि वे सिर्फ नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
शाह ने कहा कि तीन करोड़ वोट ऐसे हैं जिनके लोग ही नहीं हैं। ये बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। कांग्रेस इन घुसपैठियों को बचाना चाहती है। इसलिए वह SIR का विरोध कर रही है।
SIR पर क्या है विवाद
शाह ने कहा कि देश में सिर्फ भारतीय नागरिकों को वोट देने का अधिकार होना चाहिए। भाजपा हर घुसपैठिए को मतदाता सूची से हटाएगी। इसके बाद उन्हें देश से बाहर भी भेजा जाएगा।
शाह ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी SIR को रोकना चाहते हैं। उनके अनुसार घुसपैठिए कांग्रेस का वोट बैंक हैं। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता SIR के साथ मजबूती से खड़े हैं।
शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पटेल ने निज़ाम को आत्मसमर्पण नहीं कराया होता तो हैदराबाद भारत का हिस्सा नहीं बनता। इंडिया टीवी के अनुसार शाह ने कहा कि मोदी 2019 में भी जीते थे। तब कोई SIR नहीं था।
रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली हुई थी। इसमें वोट चोरी और SIR को लेकर चिंता जताई गई थी। शाह की हैदराबाद पदयात्रा उसी के जवाब के तौर पर देखी जा रही है।
