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इंदौर में उम्मीद की किरण, अनिका के इलाज के लिए अब तक 3 करोड़ 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

DR Times
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इंदौर। गंभीर बीमारी से जूझ रही मासूम बच्ची अनिका के इलाज के लिए इंदौर में मानवता की एक मिसाल देखने को मिल रही है। अनिका के इलाज के लिए करीब 9 करोड़ रुपये की जरूरत है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए समाज के हर वर्ग से लोग आगे आ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अब सरकारी विभाग भी मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं।

इसी कड़ी में इंदौर आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अनिका के इलाज के लिए एक दिन का वेतन दान किया है। इस पहल के तहत करीब 75 हजार रुपये की राशि एकत्र कर अनिका के इलाज के लिए दी गई है। आरटीओ विभाग की यह पहल समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का उदाहरण बन रही है।

आरटीओ इंदौर के एडी राजेश गुप्ता ने बताया कि अनिका को लगने वाले इंजेक्शन बेहद महंगे हैं और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। उन्होंने ज्यादा-से-ज्यादा लोगों से आगे आकर मदद करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपनी क्षमता अनुसार योगदान दे, तो अनिका के इलाज का रास्ता आसान हो सकता है।

इस मामले में अनिका की मां सविता शर्मा ने भी मीडिया से बातचीत की। भावुक होते हुए उन्होंने बताया कि समाज से मिल रही मदद ने उन्हें एक नई उम्मीद दी है। सविता शर्मा ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतने लोग उनकी बेटी की जिंदगी बचाने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने सभी मददगार लोगों और संस्थाओं का आभार जताया।

अब तक अनिका के इलाज के लिए करीब 3 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि इकट्ठा हो चुकी है। हालांकि यह रकम कुल जरूरत के मुकाबले अभी कम है, लेकिन जिस तरह लगातार सहयोग बढ़ रहा है, उससे उम्मीद है कि जल्द ही इलाज के लिए आवश्यक पूरी राशि जुटा ली जाएगी।

शहर के कई सामाजिक संगठन, व्यापारी, युवा वर्ग और आम नागरिक भी सोशल मीडिया और विभिन्न अभियानों के माध्यम से लोगों को अनिका की मदद के लिए प्रेरित कर रहे हैं। हर दिन छोटे-बड़े योगदान मिल रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

अनिका की कहानी अब केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं रही, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बन गई है। लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द अनिका का इलाज पूरा हो और वह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सके। इंदौर शहर में यह अभियान एक सकारात्मक संदेश दे रहा है कि सामूहिक प्रयास से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

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