बांग्लादेश: उस्मान हादी के जनाज़े में उमड़ा जनसैलाब, ढाका में मौजूद रहे मोहम्मद यूनुस; एक दिन का राजकीय शोक घोषित
बांग्लादेश: उस्मान हादी के जनाज़े में उमड़ा जनसैलाब, ढाका में मौजूद रहे मोहम्मद यूनुस; एक दिन का राजकीय शोक घोषित

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शनिवार को उस समय असाधारण नज़ारा देखने को मिला, जब कट्टरपंथी नेता और छात्र आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे उस्मान हादी के जनाज़े में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। मणिक मिया एवेन्यू पर आयोजित इस अंतिम संस्कार में हजारों नहीं, बल्कि लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। जनाज़े की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इस मौके पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, उनके परिषद के सदस्य और सेना प्रमुख जनरल वेकर-उज-जमान भी मौजूद रहे। सरकार की ओर से उस्मान हादी की मौत पर एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा पार्थिव शरीर
उस्मान हादी का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम बीमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट से हज़रत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लाया गया। उनका शव राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ था। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जनाज़े की नमाज़ मणिक मिया एवेन्यू पर अदा की गई।
हादी को विश्वविद्यालय की केंद्रीय मस्जिद में दफनाया गया, जहां उन्हें राष्ट्रीय कवि काज़ी नजरुल इस्लाम के करीब अंतिम विश्राम दिया गया।
मोहम्मद यूनुस का भावुक संबोधन
जनाज़े के दौरान मोहम्मद यूनुस ने भावुक शब्दों में कहा,
“हादी, तुम कभी खोओगे नहीं। कोई तुम्हें भूल नहीं पाएगा। आने वाली पीढ़ियां भी तुम्हें याद रखेंगी।”
उनके इस बयान से साफ झलकता है कि उस्मान हादी को बांग्लादेश के हालिया राजनीतिक इतिहास में कितना अहम माना जा रहा है।
कैसे हुई थी उस्मान हादी की हत्या
गौरतलब है कि 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में चुनावी अभियान की शुरुआत के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उस्मान हादी के सिर में गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी हत्या के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले थे।
हादी उन प्रमुख नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने पिछले साल हुए छात्र आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इसी आंदोलन के बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार का पतन हुआ था।
अन्य घटनाओं पर भी बयान
इसी बीच मोहम्मद यूनुस ने यह भी जानकारी दी कि हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की कथित ब्लास्फेमी के आरोप में की गई लिंचिंग के मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





