भागीरथपुरा में दूषित पानी से 15 मौतों के बाद दहशत, ग्राहकों का भरोसा लौटाने के लिए दुकानदारों ने मिनरल वॉटर से बनानी शुरू की चाय

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई 16 लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि अब लोग नल के पानी पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। हर सुबह नल में पानी आने के बावजूद लोग उसे न तो पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं और न ही स्टोर कर रहे हैं।
नगर निगम की ओर से इलाके में टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद लोगों का डर कम नहीं हुआ है। इस जल संकट का असर अब स्थानीय कारोबार, खासकर चाय और नाश्ते की दुकानों पर भी साफ नजर आने लगा है।
भागीरथपुरा की बस्ती में चाय दुकानदारों की ग्राहकी बीते एक सप्ताह में काफी गिर गई थी। लोगों को डर था कि कहीं चाय या नाश्ते में इस्तेमाल होने वाला पानी भी दूषित न हो। ऐसे में ग्राहकों का खोया हुआ भरोसा वापस पाने के लिए दुकानदारों ने अनोखा कदम उठाया है। अब कई दुकानदार बोतलबंद मिनरल वॉटर से चाय तैयार कर रहे हैं।
दुकानदार सूरज वर्मा बताते हैं कि पहले उनकी दुकान पर रोजाना दो से तीन पेटी पानी की खपत होती थी, लेकिन पिछले एक हफ्ते से पानी की खपत तीन गुना तक बढ़ गई है। वे अब केतली में सीधे खरीदा हुआ मिनरल वॉटर डालकर उसे गर्म करते हैं, फिर उसमें दूध और चायपत्ती मिलाकर चाय बनाते हैं।
सूरज का कहना है कि उनकी दुकान पर केवल बस्ती के लोग ही नहीं, बल्कि पोलोग्राउंड इंडस्ट्री क्षेत्र की ओर जाने वाले कर्मचारी भी चाय-पोहा खाने रुकते हैं। लेकिन दूषित पानी की खबरों के बाद लोग डर के कारण रुकना बंद कर चुके थे। अब जब दुकानों पर बोतलबंद पानी का इस्तेमाल हो रहा है, तो ग्राहकी धीरे-धीरे लौटने लगी है।
बस्ती के कई लोग अब दुकानों से ही बोतलबंद पानी खरीदकर घर ले जा रहे हैं। होटल और नाश्ते की दुकानों पर आने वाले पुराने ग्राहकों को भी दुकानदार नल के पानी से बनी किसी भी चीज से बचने की सलाह दे रहे हैं। इस पहल को देखकर इलाके की अन्य दुकानों ने भी यही तरीका अपनाना शुरू कर दिया है।
वहीं दूसरी ओर, नगर निगम के अधिकारी भागीरथपुरा की पानी की टंकी और सप्लाई लाइन से लगातार पानी के सैंपल ले रहे हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है ताकि दूषित पानी के स्रोत का सही पता लगाया जा सके। अब तक आई एक रिपोर्ट में जानलेवा बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि हुई है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
फिलहाल, भागीरथपुरा में लोग साफ और सुरक्षित पानी को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक नल के पानी से दूरी बनाए रखने का मन बना चुके हैं।





