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भागीरथपुरा में दूषित पानी से बिगड़ी सेहत, MGM मेडिकल कॉलेज की टीम ने किया क्षेत्र का दौरा, पानी के सैंपल जांच को भेजे

इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति और उससे फैल रही बीमारियों की शिकायतों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। सोमवार को महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज की एक विशेष मेडिकल टीम ने इलाके का दौरा कर स्थिति का गहन निरीक्षण किया। टीम का उद्देश्य क्षेत्र में फैल रही बीमारियों के कारणों की पहचान करना और लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना रहा।

स्थानीय रहवासियों की शिकायत थी कि उनके घरों में आने वाला पानी गंदा, बदबूदार और मटमैला है। इस पानी के सेवन से कई लोग उल्टी, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी और बुखार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। शिकायतें बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की।

घर-घर जाकर जांच, पानी के नमूने लिए गए

MGM मेडिकल कॉलेज की टीम ने क्षेत्र में घर-घर जाकर बीमार लोगों की स्वास्थ्य जांच की। डॉक्टरों ने मरीजों से लक्षणों की जानकारी ली और प्राथमिक उपचार भी दिया। इसके साथ ही अलग-अलग घरों और नलों से पानी के सैंपल एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इन रिपोर्ट्स के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि पानी में किस तरह का संक्रमण या रासायनिक तत्व मौजूद है।

सीवेज मिलने की आशंका

मेडिकल टीम ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ मिलकर जल वितरण लाइनों का निरीक्षण भी किया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं सीवेज लाइन का पानी पीने की पानी की पाइपलाइन में मिल रहा है। लीकेज और पुरानी पाइपलाइन को इस समस्या की मुख्य वजह माना जा रहा है।

डॉक्टरों की लोगों को सलाह

जांच दल का नेतृत्व कर रहे डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक

  • पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पिएं,

  • बासी भोजन से बचें और ताजा, गर्म खाना खाएं,

  • किसी भी तरह की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

नगर निगम की त्वरित व्यवस्था

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही, संभावित लीकेज को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। निगम का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।

भागीरथपुरा में दूषित पानी का यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जहां समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।

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