भोपाल के ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2047 को लेकर शहर में विरोध तेज हो गया है। Bhopal Master Plan 2047 पर अब तक 5,000 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। यह संख्या बुधवार तक करीब 1,800 थी, लेकिन अंतिम दिनों में इसमें तेज उछाल आया है।
ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने की आखिरी तारीख शनिवार रात 12 बजे है। इसके बाद नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय में आपत्तियों की छंटनी शुरू होगी। अधिकारियों के अनुसार छंटनी में करीब 15 दिन लग सकते हैं। इसके बाद आपत्तिकर्ताओं की सुनवाई होगी।
Bhopal Master Plan 2047 पर अब तक क्या हुआ
ड्राफ्ट प्लान 25 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद जनता से 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। पिछले दो दिनों में किसान और व्यापारी भी नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय पहुंचे और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
इससे पहले भी 66 गांवों के किसान अपनी जमीन के भू-उपयोग में बदलाव को लेकर विरोध जता चुके हैं। उनकी मांग थी कि खेती की जमीन को नदी तट, वन क्षेत्र या ग्रीन बेल्ट जैसी श्रेणियों में न डाला जाए। इससे उनकी खेती और रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है।
क्यों उठ रही हैं आपत्तियां
सबसे बड़ी आपत्ति बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में बदलाव को लेकर है। लोगों का कहना है कि भोजताल के संरक्षण क्षेत्र में किसी भी तरह का बदलाव शहर के पानी और पर्यावरण के लिए खतरनाक हो सकता है।
इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव पर भी विरोध है। 45 मीटर चौड़ी सड़क के प्रस्ताव से कई बस्तियों के घर और दुकान प्रभावित हो सकते हैं। रहवासी समितियों का कहना है कि इससे पुरानी बस्तियों का चरित्र बदल जाएगा और यातायात की समस्या बढ़ेगी।
27 अक्टूबर तक विस्तार की मांग
पर्यावरणविद रशीद नूर खान ने पत्र लिखकर मांग की है कि आपत्ति दर्ज कराने की तारीख 27 अक्टूबर तक बढ़ाई जाए। उनका तर्क है कि मध्य प्रदेश सामान्य खंड अधिनियम 1957 की धारा 7 के तहत अगर अंतिम दिन कार्यालय बंद हो तो अगले कार्य दिवस तक आपत्ति स्वीकार की जानी चाहिए।
हालांकि यह मांग अभी स्वीकार नहीं हुई है। 27 अक्टूबर की तारीख केवल एक मांग है, इसे बढ़ी हुई अंतिम तारीख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने भी लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने काउंटर, ईमेल और पोर्टल के जरिए आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया और दिनांकित रसीद की मांग की है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने भी विस्तार की मांग दोहराई है।
आगे क्या होगा
छंटनी के बाद आपत्तियों पर सुनवाई होगी। इसके बाद ही ड्राफ्ट प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। शहर के भविष्य को तय करने वाले इस प्लान पर अब सबकी नजर टिकी है।
