भोपाल में MBBS छात्र की आत्महत्या से हड़कंप, कोलार में पांचवीं मंजिल से कूदा, रिश्तों में तनाव और डिप्रेशन की आशंका

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कोलार इलाके की प्रीमियम टावर कॉलोनी में रहने वाले एक एमबीबीएस छात्र ने मानसिक तनाव के चलते इमारत की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। छात्र की पहचान 21 वर्षीय सचिन सिंह के रूप में हुई है, जो एलएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस थर्ड ईयर का छात्र था। शनिवार सुबह हुई इस घटना के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां रविवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पांचवीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या
पुलिस के मुताबिक, सचिन सिंह कोलार थाना क्षेत्र स्थित प्रीमियम टावर में अपने दोस्तों के साथ किराए के फ्लैट में रह रहा था। शनिवार सुबह उसने अपने फ्लैट की बालकनी से छलांग लगा दी। गिरने के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
रिश्तों में खटास से था गहरे तनाव में
कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि प्रारंभिक जांच और छात्र के दोस्तों से पूछताछ में सामने आया है कि सचिन पिछले कुछ महीनों से मानसिक तनाव में था। जानकारी के अनुसार, उसकी एक करीबी दोस्त से रिश्तों में मनमुटाव चल रहा था और पिछले तीन महीनों से दोनों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद थी। इसी वजह से वह डिप्रेशन में चला गया था।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मोबाइल फोन और अन्य निजी वस्तुओं की जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।
कॉलेज और साथियों में शोक
घटना के बाद एलएन मेडिकल कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों में शोक की लहर है। साथी छात्रों के अनुसार, सचिन पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन हाल के दिनों में वह खुद में सिमटा हुआ और परेशान नजर आ रहा था। कॉलेज प्रशासन की ओर से भी घटना को बेहद दुखद बताते हुए शोक संवेदना व्यक्त की गई है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल
यह घटना एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई व रिश्तों के दबाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिप्रेशन के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते काउंसलिंग व मदद लेना बेहद जरूरी है।
अगर आप या आपके आसपास कोई मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो मदद लेना कमजोरी नहीं है। भारत में आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन: 9152987821 (किरण) – 24×7 उपलब्ध।





