क्राइममध्यप्रदेश

भोपाल में निजी अस्पताल की नर्स ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर की आत्महत्या, लिव-इन पार्टनर पर गंभीर सवाल

भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल में पदस्थ 30 वर्षीय नर्स ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान मेघा यादव के रूप में हुई है, जो जेके हॉस्पिटल में नर्स के पद पर कार्यरत थी। परिजनों का आरोप है कि लिव-इन पार्टनर द्वारा शादी से इनकार किए जाने के बाद वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थी।


🏥 लिव-इन पार्टनर ने कराया अस्पताल में भर्ती, खुद को बताया भाई

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात मेघा यादव ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज ले लिया था। जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसका लिव-इन पार्टनर उसे बेहोशी की हालत में जेके हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि युवक ने अस्पताल में खुद को मेघा का मुंहबोला भाई बताकर भर्ती कराया और इसके बाद वहां से चला गया। कुछ ही घंटों बाद गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मेघा की मौत हो गई।


🏠 किराए के कमरे में रहती थी नर्स

मेघा यादव अस्पताल के पास ही एक किराए के कमरे में रह रही थी। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने उसके कमरे की तलाशी ली, जहां से कुछ मेडिकल सामग्री जब्त की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एनेस्थीसिया की दवा उसे कहां से और कैसे मिली।


📞 सुसाइड से पहले परिजनों से हुई थी बातचीत

परिजनों ने बताया कि आत्महत्या से कुछ समय पहले मेघा ने अपने भांजे से फोन पर बात की थी और वह सामान्य लग रही थी। इसके बाद रात में उसी युवक ने मेघा के मोबाइल से परिजनों को कॉल कर अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी दी। जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तब मेघा भर्ती मिली, लेकिन युवक वहां मौजूद नहीं था। उसका मोबाइल फोन भी स्विच्ड ऑफ आ रहा था।


💔 शादी से इनकार के बाद तनाव में थी मेघा

मेघा के छोटे भाई राजा यादव ने बताया कि रूपेश साहू नाम का युवक उसकी बहन का प्रेमी था। दोनों करीब चार साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और परिवार को इस रिश्ते की जानकारी थी। शादी को लेकर पहले सहमति बन चुकी थी। छह महीने पहले युवक ने शादी को लेकर परिवार से बात भी की थी, लेकिन बीते चार महीनों से वह इससे मुकरने लगा। पिछले एक महीने से बातचीत भी काफी कम हो गई थी, जिससे मेघा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।


🚓 पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। युवक की भूमिका, मेडिकल दवाओं की उपलब्धता और मानसिक प्रताड़ना के एंगल से भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

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