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14 साल की उम्र में देह व्यापार में झोंकी गई बेटी: भोपाल में युवती ने माता-पिता और मामाओं पर लगाए रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप

भोपाल। राजधानी भोपाल से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और परिवार जैसे रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस घर में एक बेटी को सुरक्षा, प्यार और सम्मान मिलना चाहिए था, वहीं उसी घर में उसे सालों तक नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर किया गया। एक युवती ने अपने ही माता-पिता और रिश्तेदारों पर बचपन से जबरन देह व्यापार कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

14 साल की उम्र में छिन गया बचपन

पीड़िता मध्य प्रदेश के एक ग्रामीण इलाके की रहने वाली है। युवती का कहना है कि जब वह महज 14 साल की थी, तभी उसकी मां-बाप और दोनों मामा ने मिलकर उसे देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया। घर पर रोजाना ग्राहक बुलाए जाते थे और पैसों के बदले उसे उनके हवाले कर दिया जाता था। यह सिलसिला सालों तक चलता रहा।

विरोध करने पर मिलती थी यातना

युवती ने बताया कि जब भी वह इस अमानवीय काम का विरोध करती, तो उसके साथ मारपीट, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। परिवार के ही लोग उसके लिए सबसे बड़ा डर बन चुके थे। मानसिक और शारीरिक यातनाओं के बीच उसकी जिंदगी पूरी तरह टूट चुकी थी।

हालातों से लड़ते हुए पूरी की पढ़ाई

इतने भयावह हालातों के बावजूद युवती ने हार नहीं मानी। उसने किसी तरह 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई ही उसके लिए इस अंधेरे से बाहर निकलने की एकमात्र उम्मीद थी। कॉलेज जाने का बहाना बनाकर वह घर से निकली और हिम्मत जुटाकर सीधे भोपाल पहुंच गई।

महिला थाने पहुंचकर सुनाई आपबीती

भोपाल पहुंचने के बाद युवती ने महिला थाने में जाकर पूरी सच्चाई पुलिस के सामने रखी। उसने अपने माता-पिता और दोनों मामाओं पर बचपन से देह व्यापार कराने का गंभीर आरोप लगाया। युवती की आपबीती सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।

पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों की तलाश जारी

शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए माता-पिता और दोनों मामाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता को पूरी सुरक्षा और काउंसलिंग दी जा रही है।

समाज के लिए बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और पारिवारिक मूल्यों पर एक गहरा धब्बा है। यह घटना बताती है कि कभी-कभी सबसे खतरनाक दुश्मन वही होते हैं, जिन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया जाता है। पीड़िता की हिम्मत और साहस अब कई और लड़कियों के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।

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