भोपाल सफाई हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी है। दीपावली से पहले राजधानी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। शहर के 85 वार्डों में कचरा नहीं उठा है। डोर-टू-डोर कलेक्शन भी बंद है। दो दिन में करीब 2,100 टन कचरा जमा हो गया है। सड़कों और बाजारों में कचरे के ढेर लगे हैं। MP Morning News की रिपोर्ट के अनुसार न्यू मार्केट जैसे व्यस्त इलाकों में भी गंदगी फैली है।
भोपाल सफाई हड़ताल: 8 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी
सफाई कर्मचारी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी मांग न्यूनतम 25,000 रुपये मासिक वेतन है। वे नियमितीकरण और सरकारी कर्मचारी का दर्जा भी चाहते हैं। ठेका व्यवस्था खत्म करने की मांग भी शामिल है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के बैनर तले यह आंदोलन चल रहा है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने कहा कि कर्मचारी 20-25 साल से संघर्ष कर रहे हैं। मौजूदा वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। भोपाल नगर निगम में करीब 14,000 सफाई कर्मचारी हैं। प्रदेशभर में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। आंदोलन में 16 नगरीय निकाय और 374 नगर परिषदों के कर्मचारी शामिल बताए गए हैं।
विजयवर्गीय से बैठक, नतीजे का इंतजार
बुधवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रमुख सचिव मनोज दुबे से मुलाकात प्रस्तावित थी। बैठक का कोई ठोस नतीजा अब तक सामने नहीं आया है। यूनियन ने साफ कहा है कि सकारात्मक निर्णय नहीं मिला तो आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो दीपावली के दौरान भी कचरा नहीं उठाया जाएगा। हड़ताल से पहले मंगलवार को कर्मचारियों ने जहांगीराबाद चौराहे पर जाम लगाया था। इसके बाद वे शाहजहांनी पार्क में रातभर धरने पर बैठे रहे। MP Safai Karmi Strike बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल के रूप में शुरू हुई थी।
दीपावली से पहले शहर की चिंता बढ़ी
दीपावली में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में सफाई ठप होने से शहरवासियों की परेशानी बढ़ गई है। कचरे के ढेर से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। नगर निगम के अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि हड़ताल के चलते हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। MP Weather के अनुसार धनतेरस और दिवाली पर मौसम साफ रहेगा। साफ मौसम में भी गंदगी की समस्या बनी रहेगी। शहर के लोग अब सरकार और यूनियन के बीच समझौते का इंतजार कर रहे हैं।
