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बिहार चुनाव हार पर राहुल गांधी ने ली जिम्मेदारी, बोले- हम सब मिलकर हारे

बिहार चुनाव हार पर राहुल गांधी ने ली जिम्मेदारी, बोले- हम सब मिलकर हारे

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी के अंदर नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला। महागठबंधन के हिस्से के रूप में केवल 19 सीटें जीतने के बाद पार्टी के नेता और कार्यकर्ता निराशा में हैं। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हार की जिम्मेदारी स्वयं लेते हुए संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

गुरुवार को दिल्ली में राहुल गांधी ने बिहार कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और हारे हुए उम्मीदवारों के साथ करीब चार घंटे लंबी समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि हार की जिम्मेदारी केवल बिहार इकाई पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर लड़े थे, हम सब मिलकर हारे हैं। हार की जिम्मेदारी मैं भी उतनी ही लेता हूं जितनी बिहार के हमारे साथी ले रहे हैं। अब पीछे मुड़कर देखने या एक-दूसरे पर आरोप लगाने का वक्त नहीं है। हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना है और संगठन को और मजबूत करना है।”

बैठक में हार के कारणों का विश्लेषण भी किया गया। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में कांग्रेस और महागठबंधन समर्थकों के लाखों वोट जानबूझकर डिलीट कर दिए गए जबकि फर्जी वोट जोड़े गए। पार्टी ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 27 सीटें जीतकर महागठबंधन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था। लेकिन इस बार केवल 19 सीटों पर जीत दर्ज कर पार्टी महागठबंधन की सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरी। इस हार ने न केवल बिहार इकाई बल्कि केंद्रीय नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

समीक्षा बैठक में राहुल गांधी ने संगठन को मजबूत करने और भविष्य के चुनावों में बेहतर रणनीति बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि हार के बाद आपसी एकजुटता और मजबूत संगठन ही पार्टी को पुनः सफलता दिला सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में मिली हार कांग्रेस के लिए चेतावनी है और पार्टी को अपनी रणनीति और नेतृत्व शैली पर गंभीरता से विचार करना होगा। हार का असर महागठबंधन की स्थिति पर भी पड़ा है, जिससे विपक्षी दलों को बढ़त मिली है।

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