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बजट सत्र 2026: स्पीकर हटाने के प्रस्ताव पर घमासान संभव

बजट सत्र 2026: दूसरे चरण के पहले दिन स्पीकर हटाने का प्रस्ताव

बजट सत्र 2026 का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र 2026 के पहले ही दिन लोकसभा स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे संसद में राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।

दरअसल भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में मौजूद रहने के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी किया है।


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9 मार्च से शुरू होगा बजट सत्र का दूसरा चरण

संसद का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

इस दौरान कई अहम विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

हालांकि सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर रहेगा।

दरअसल विपक्ष ने Om Birla को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया है।


विपक्ष के 118 सांसदों ने किया प्रस्ताव का समर्थन

सूत्रों के अनुसार विपक्ष के 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।

हालांकि Trinamool Congress के 29 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

इसके बावजूद बताया जा रहा है कि टीएमसी सांसद मतदान के दौरान प्रस्ताव के समर्थन में वोट कर सकते हैं।

मुख्य तथ्य:

  • 118 सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर

  • टीएमसी ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए

  • मतदान में समर्थन की संभावना


स्पीकर पर पक्षपात का आरोप

विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि कई मौकों पर उन्हें सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया गया।

दरअसल इसी मुद्दे को लेकर स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया है।


प्रस्ताव पास होना मुश्किल

संसदीय नियमों के अनुसार स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में साधारण बहुमत से पारित होता है।

लेकिन मौजूदा स्थिति में यह प्रस्ताव पारित होना मुश्किल माना जा रहा है।

मुख्य कारण:

  • एनडीए के पास लगभग 290 सांसद

  • साधारण बहुमत की आवश्यकता

  • सरकार के पास स्पष्ट बहुमत


चर्चा के दौरान स्पीकर नहीं करेंगे अध्यक्षता

नियमों के अनुसार जब स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा होती है, तब वे सदन की अध्यक्षता नहीं करते।

हालांकि उन्हें सदन में अपना पक्ष रखने और मतदान करने का अधिकार होता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस मुद्दे पर संसद के दूसरे चरण में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।


स्रोत: Parliament of India

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