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कांग्रेस का बड़ा आरोप: इंदौर नगर निगम से लेकर SIR प्रक्रिया तक बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस का बड़ा आरोप: इंदौर नगर निगम से लेकर SIR प्रक्रिया तक बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

इंदौर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में एक अहम प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार, इंदौर नगर निगम परिषद और शहर के विकास कार्यों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। खासतौर पर उन्होंने SIR प्रक्रिया, नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और विकास योजनाओं की दिशा पर सवाल खड़े किए।

प्रेस वार्ता में सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि इंदौर नगर निगम में भाजपा की परिषद और महापौर पुष्यमित्र भार्गव की टीम शहर के विकास के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार कर रही है। उन्होंने बीआरटीएस परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए और अब उसी को तोड़ा जा रहा है, जो जनता के पैसे की खुली बर्बादी है।

एलिवेटेड ब्रिज को लेकर सरकार पर सवाल

कांग्रेस नेता ने एलिवेटेड ब्रिज परियोजना को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने 6.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ब्रिज का प्रस्ताव रखा था, जिसे भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही रद्द कर दिया। लेकिन अब मुख्यमंत्री और इंदौर प्रभारी डॉ. मोहन यादव ने उसी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह योजना पहले गलत थी, तो अब सही कैसे हो गई?

इसके साथ ही उन्होंने इंदौर के 9 विधायकों और एक सांसद की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि शहर के हितों को मजबूती से नहीं उठा पा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी साधा निशाना

सज्जन सिंह वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री “इमोशनल ब्लैकमेलिंग” करने में माहिर हैं। मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य देश से महात्मा गांधी का नाम और प्रतीक हटाना है।

भारतीय रुपये के गिरते मूल्य पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी तरह इसका ठीकरा महात्मा गांधी पर फोड़ने का रास्ता तलाश सकती है और भविष्य में नोटों से गांधी जी की तस्वीर हटाने का बहाना भी बनाया जा सकता है।

मंत्रियों और अधिकारियों के बीच तालमेल पर सवाल

कांग्रेस नेता ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि जब मंत्री और महापौर खुद मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि अधिकारी न तो मंत्रियों की सुनते हैं और न ही महापौर की। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताया।

SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप

SIR प्रक्रिया पर बोलते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि इंदौर में पांच लाख से अधिक और भोपाल में चार लाख से ज्यादा वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी साजिश है, ताकि आने वाले चुनावों में फायदा उठाया जा सके। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि भविष्य में इन सभी वोटरों के नाम दोबारा जोड़े जाएंगे।

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