दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा फैसला: मजदूरों को ₹10,000 की मदद, सरकारी-प्राइवेट दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य
दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा फैसला: मजदूरों को ₹10,000 की मदद, सरकारी-प्राइवेट दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

राजधानी दिल्ली में लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने दो बड़े और अहम फैसलों का ऐलान किया है। इन फैसलों का मकसद एक ओर जहां आम लोगों की सेहत की रक्षा करना है, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण उपायों से प्रभावित वर्गों को राहत देना भी है। बुधवार को मंत्री कपिल मिश्रा ने इन निर्णयों की जानकारी दी।
निर्माण मजदूरों को ₹10,000 की सीधी सहायता
पहला बड़ा फैसला उन निर्माण मजदूरों के लिए लिया गया है, जो प्रदूषण के कारण निर्माण कार्य रुकने से प्रभावित हुए हैं। सरकार ने घोषणा की है कि सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से ₹10,000 भेजे जाएंगे।
सरकार का कहना है कि यह कदम उन मजदूरों को आर्थिक संबल देने के लिए उठाया गया है, जिनकी रोज़ी-रोटी प्रदूषण नियंत्रण के चलते प्रभावित हुई है।
सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम
दूसरा अहम निर्णय दिल्ली के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों से जुड़ा है। सरकार ने निर्देश दिया है कि अब 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य होगा।
हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं को इस आदेश से छूट दी गई है, ताकि जरूरी व्यवस्थाएं बाधित न हों। सरकार का मानना है कि दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या कम होने से ट्रैफिक घटेगा और प्रदूषण पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति
दिल्ली में लगातार चार दिनों तक वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही। बुधवार को एक्यूआई में हल्का सुधार दर्ज किया गया और यह बहुत खराब श्रेणी में पहुंचा।
सोमवार को जहां दिल्ली का एक्यूआई 427 था, वहीं मंगलवार को यह घटकर 354 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 24 घंटे में एक्यूआई में करीब 73 अंकों का सुधार हुआ है।
मंगलवार को उत्तर-पश्चिमी दिशा से 10–20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण प्रदूषण में थोड़ी राहत देखने को मिली। इसके बावजूद हवा में मौजूद PM10 और PM2.5 का स्तर अभी भी तय मानकों से कहीं अधिक है।
आगे क्या राहत मिलेगी?
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, आने वाले दो दिनों में हवा की रफ्तार और बढ़ सकती है। दिन के समय धूप निकलने से प्रदूषक कणों का विसर्जन तेज होगा, जिससे प्रदूषण में हल्का सुधार संभव है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली की हवा अभी पूरी तरह साफ होने की उम्मीद नहीं है।
सरकार का संदेश
सरकार का कहना है कि ये फैसले लोगों की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिए गए हैं। आर्थिक सहायता और वर्क फ्रॉम होम जैसे कदमों से प्रदूषण से निपटने में मदद मिलेगी और आम नागरिकों को राहत भी पहुंचेगी।





