मध्य प्रदेश के देवास जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना हुई। खातेगाँव थाने के प्रभारी दिलीप पुरी (Dewas SHO Dilip Puri) शराब तस्करी रोकने के लिए निकले थे। हरदा-नेमावर हाईवे पर तस्करों के ट्रक को रोकने की कोशिश के दौरान वे उसके पिछले पहिए के नीचे आ गए। इस हादसे में उनकी मौत हो गई।
Dewas SHO Dilip Puri: पाँच टीमों ने घेरा था ट्रक
द हंस इंडिया के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी। हरदा से गुजरात जा रहा एक ट्रक अवैध शराब ले जा रहा था। ट्रक इंदौर के रास्ते गुजरात पहुँचने वाला था। देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने ट्रक पकड़ने के लिए पाँच से अधिक टीमें बनाई थीं। इन टीमों में कन्नौद, सतवास और खातेगाँव थानों के प्रभारी भी शामिल थे। पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेड भी लगाए थे।
ट्रक में 208 पेटी अवैध शराब, चालक फरार
रात करीब डेढ़ बजे ट्रक चालक ने हाईवे पर गाड़ी रोककर पानी पीना शुरू किया। उसी समय दिलीप पुरी वहाँ पहुँच गए। उन्होंने चालक को नीचे उतरने को कहा। इस पर दोनों के बीच झड़प हो गई। चालक ने भागने के लिए ट्रक आगे बढ़ा दिया। पुरी गिर पड़े और ट्रक का पिछला पहिया उन पर चढ़ गया।
ट्रक का नंबर MP 43 H 4786 है। जाँच में ट्रक के गुप्त हिस्से से 208 पेटी शराब बरामद हुई। यह करीब 1,800 लीटर भारतीय निर्मित विदेशी शराब बताई जा रही है। ट्रक के पास शराब ले जाने का कोई वैध परमिट नहीं मिला। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है। चालक ट्रक छोड़कर भाग गया और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इस तस्करी नेटवर्क से हरदा के राहुल जायसवाल का नाम जुड़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू कर दी है।
देवास में पहले भी जहरीली शराब से मौतें
दिलीप पुरी 2007 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे। वे पहले इंदौर के हीरा नगर और चंदन नगर थानों में तैनात रह चुके थे। उनकी मौत से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। देवास जिले में अवैध शराब का संकट पहले से गहरा है। चंदना और बिंजना गाँवों में संदिग्ध जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत हुई थी। ये मौतें 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच हुई थीं। इस घटना ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और तेज कर दिया है।
मध्य प्रदेश में हाल ही में उज्जैन के एक होटल में गैस रिसाव से चार मजदूरों की मौत हुई थी।
