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एपस्टीन फाइल की नई तस्वीरों से मचा वैश्विक बवाल: ‘1000 डॉलर में रशियन लड़की’ से लेकर ट्रंप-गेट्स की तस्वीरें तक

एपस्टीन फाइल की नई तस्वीरों से मचा वैश्विक बवाल: ‘1000 डॉलर में रशियन लड़की’ से लेकर ट्रंप-गेट्स की तस्वीरें तक

अमेरिका में कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन से जुड़ा मामला एक बार फिर पूरी दुनिया की सुर्खियों में है। यूएस हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट सांसदों ने एप्सटीन से जुड़ी 68 नई तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं। इन तस्वीरों में आपत्तिजनक टेक्स्ट मैसेज, अलग-अलग देशों की महिलाओं के पासपोर्ट, निजी संपत्तियों के दस्तावेज और कई हाईप्रोफाइल लोगों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। इन खुलासों के बाद अमेरिका में सियासी, कानूनी और सामाजिक बहस तेज हो गई है।

क्या हैं एप्सटीन फाइल की नई तस्वीरें?

डेमोक्रेट सांसदों ने इन तस्वीरों को “पारदर्शिता” के नाम पर जारी किया है। बताया गया है कि यह तस्वीरें एप्सटीन की निजी संपत्तियों से जब्त की गई थीं और पहले ही हाउस ओवरसाइट कमेटी को सौंपी जा चुकी थीं। पूरे संग्रह में करीब 95,000 तस्वीरें हैं, जिनमें से अब तक चुनिंदा 68 को सार्वजनिक किया गया है।

इन तस्वीरों में कुछ कंटेंट बेहद परेशान करने वाला बताया जा रहा है। खास तौर पर देर रात की टेक्स्ट चैट, लड़कियों की “डील” से जुड़े मैसेज और निजी पहचान पत्रों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

‘1000 डॉलर एक रशियन लड़की का रेट’—किस बात ने मचाया तहलका?

जारी किए गए स्क्रीनशॉट्स में एक टेक्स्ट मैसेज सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस मैसेज में लिखा दिखता है कि “मैं अभी लड़कियां भेज रहा हूं” और एक रूसी लड़की की कीमत 1000 डॉलर बताई गई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह मैसेज किसने भेजा और किसे भेजा गया, लेकिन इसके सामने आने से एप्सटीन के कथित नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

किन देशों की महिलाओं के पासपोर्ट सामने आए?

तस्वीरों में कई महिलाओं के पहचान पत्र और पासपोर्ट की झलक भी दिखाई गई है। नाम तो छिपाए गए हैं, लेकिन देशों का जिक्र साफ तौर पर दिखता है। इनमें शामिल हैं—

  • रूस

  • मोरक्को

  • इटली

  • चेक गणराज्य

  • दक्षिण अफ्रीका

  • यूक्रेन

  • लिथुआनिया

इन दस्तावेजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी और यौन शोषण के एंगल को फिर से चर्चा में ला दिया है।

‘लोलिता’ किताब और महिला के शरीर पर लिखे शब्द

कुछ तस्वीरों में एक महिला के शरीर पर काली स्याही से मशहूर किताब ‘लोलिता’ के अंश लिखे हुए नजर आते हैं। यह किताब 12 साल की बच्ची के प्रति एक व्यक्ति के जुनून पर आधारित है। महिला के शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर लिखी गई ये लाइनें एप्सटीन केस की भयावहता को और गहरा करती हैं।

एप्सटीन फाइल में किन-किन लोगों की तस्वीरें?

पिछले हफ्ते भी 19 तस्वीरें जारी की गई थीं, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप की कुछ तस्वीरें शामिल थीं। ट्रंप ने तब प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि “एप्सटीन के साथ हर किसी की फोटो है, यह कोई बड़ी बात नहीं।”

नई तस्वीरों में जिन प्रमुख हस्तियों की झलक दिखी है, उनमें—

  • माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स

  • प्रसिद्ध प्रोफेसर और राजनीतिक विचारक नोम चॉम्स्की

  • ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन

शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि डेमोक्रेट सांसदों ने साफ कहा है कि किसी की तस्वीर का होना अपने आप में अपराध का सबूत नहीं है। इन हस्तियों या उनके प्रतिनिधियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

डेमोक्रेट सांसदों का आरोप और व्हाइट हाउस का जवाब

हाउस ओवरसाइट कमेटी में शीर्ष डेमोक्रेट सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा कि Epstein Files Transparency Act की समयसीमा बेहद करीब है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि न्याय विभाग के पास आखिर क्या-क्या दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्हाइट हाउस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और सभी फाइलें तुरंत जारी की जानी चाहिए।

वहीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने कहा कि इन तस्वीरों के जारी होने से कुछ भी नया नहीं बदलता। उनके मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप पहले से ही पारदर्शिता की बात करते रहे हैं और उनकी सरकार इस दिशा में कदम उठा चुकी है।

क्या है एप्सटीन फाइल विवाद की पूरी कहानी?

अरबपति जेफ्री एप्सटीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया, हालांकि आज भी कई लोग इसे संदिग्ध मानते हैं।

असल बवाल 2024 में तब शुरू हुआ जब एक कोर्ट केस के तहत करीब 950 पन्नों के दस्तावेज अनसील किए गए। इनमें एप्सटीन के कई हाईप्रोफाइल संपर्कों के नाम सामने आए—जैसे बिल क्लिंटन, प्रिंस एंड्रयू, बिल गेट्स और डोनाल्ड ट्रंप। हालांकि कोर्ट ने साफ किया था कि नाम आने का मतलब आरोपी होना नहीं है।

एप्सटीन फाइल कब होगी रिलीज?

2025 में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान कांग्रेस ने Epstein Files Transparency Act पास किया। इसके तहत 19 दिसंबर 2025 तक अमेरिकी न्याय विभाग को एप्सटीन से जुड़े सभी अनक्लासिफाइड सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक करने हैं। आज यही तारीख है और पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर किन नामों और तथ्यों का खुलासा होता है।

FBI ने पहले ही यह कह दिया है कि उन्हें कोई अलग “क्लाइंट लिस्ट” नहीं मिली है, लेकिन इसके बावजूद जनता और मीडिया बड़े खुलासों की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

आगे क्या?

एप्सटीन फाइल्स का यह मामला अब सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार, राजनीति और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 19 दिसंबर को जारी होने वाली फाइलें तय करेंगी कि यह मामला और गहराएगा या फिर एक बार फिर अधूरे सवालों के साथ बंद हो जाएगा।

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