दुबई। FlyDubai की फ्लाइट FZ1073 के आरोपी को-पायलट की पहचान हो गई है। 30 सितंबर को उसने भारतीय कैप्टन Smit Machchhar पर हमला किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 29 साल का ओमानी नागरिक Hamam al-Hammami है। Wall Street Journal, ABC News और Al Arabiya English के सूत्रों ने उसकी पहचान की पुष्टि की है।
2024 में Oman Air ने उड़ान से किया था बैन
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, al-Hammami पहले Oman Air में को-पायलट ट्रेनी था। 2024 में उसके पास से चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद एयरलाइन ने उसे “सिक्योरिटी रिस्क” बताकर उड़ान से निलंबित कर दिया था। इसके बाद उसे प्रशासनिक भूमिका में रखा गया। Fox News के एक सूत्र के मुताबिक, वह कट्टरपंथी इस्लामी वेबसाइटें भी देखता था।
इसके बावजूद वह बाद में FlyDubai में नौकरी पाने में कामयाब रहा। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, वह करीब आठ महीने से FlyDubai में था। इससे पहले वह Royal Air Maroc में भी काम कर चुका था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है। ओमान की रोक के बावजूद वह दुबई की एयरलाइन के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा?
इजरायल में क्रैश का इरादा था
ABC News के सूत्रों के मुताबिक, al-Hammami ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसका इरादा विमान को इजरायल में क्रैश करना था। वह इस समय UAE की हिरासत में है और जांच में सहयोग कर रहा है। गुरुवार को उसे सऊदी अरब से UAE लाया गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, उसका जन्म UAE में ओमानी पिता और सीरियाई मां के घर हुआ था। उसने जिंदगी का बड़ा हिस्सा ओमान से बाहर — खासकर सीरिया में — बिताया। वहीं वह चरमपंथी विचारों के संपर्क में आया।
174 यात्रियों की जान बची थी
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हिंसक झड़प हुई थी। हमले में कैप्टन Machchhar गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्री और क्रू अंदर आ सके और हमलावर को काबू में किया गया। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। विमान को सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी।
इस घटना के बाद FlyDubai ने तेल अवीव की सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
