सीरीज हार पर भड़के गंभीर: बोले– मेरा फैसला BCCI करेगा, मत भूलिए मैंने दिलाई थी चैंपियंस ट्रॉफी
सीरीज हार पर भड़के गंभीर: बोले– मेरा फैसला BCCI करेगा, मत भूलिए मैंने दिलाई थी चैंपियंस ट्रॉफी

टीम इंडिया की ताज़ा सीरीज हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर पहली बार खुले तौर पर सामने आए और आलोचनाओं पर करारा जवाब दिया। गंभीर ने साफ कहा कि उनकी भूमिका, भविष्य और मूल्यांकन का फैसला सिर्फ और सिर्फ BCCI करेगा। मीडिया और आलोचकों की नाराज़गी पर उन्होंने याद दिलाया कि कोच के तौर पर उनकी अगुवाई में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा, “मेरे बारे में फैसला लेने का अधिकार BCCI के पास है। मैं अपना काम ईमानदारी से करता हूं। आलोचनाएं नई नहीं हैं, लेकिन मत भूलिए कि मैंने टीम को चैंपियंस ट्रॉफी जिताई है।” गंभीर के इस बयान ने क्रिकेट हलकों में हलचल मचा दी है।
हाल ही में समाप्त हुई सीरीज में अपेक्षाओं के अनुसार प्रदर्शन न कर पाने के बाद गंभीर के कोचिंग तरीकों, टीम चयन और रणनीति को लेकर सवाल खड़े हुए। क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस द्वारा कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट पर कई आरोप लगाए गए। यही नहीं, सोशल मीडिया पर भी गंभीर ट्रोल्स के निशाने पर रहे।

गौतम गंभीर पर सवाल उठने की 4 बड़ी वजह:
1. टीम चयन पर सवाल
हार की सबसे बड़ी वजह टीम चयन को माना जा रहा है। कई युवा खिलाड़ियों को अचानक बाहर बैठाने और कुछ अनुभवहीन खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण मैचों में उतारने पर सवाल उठे। विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर ने लगातार बदलाव किए, जिससे टीम स्थिरता खो बैठी।
2. बल्लेबाजी क्रम में बार-बार प्रयोग
पूरी सीरीज में भारत का बल्लेबाजी क्रम चर्चा में रहा। गंभीर ने कई बार खिलाड़ियों की बल्लेबाजी पोजिशन बदल दी। कुछ मैचों में अनुभवी बल्लेबाजों को नीचे भेजा गया, तो कुछ में नए खिलाड़ियों को ऊपर भेजा गया। इससे टीम का तालमेल बिगड़ा और लगातार शुरुआत खराब होती गई।
3. रणनीति में आक्रामकता की कमी
सीरीज के अहम पलों में टीम बैकफुट पर दिखाई दी। गेंदबाजी में बदलाव, फील्डिंग सेटअप और रोटेशन रणनीति पर आलोचना की गई। गंभीर की रणनीति को “डिफेंसिव” बताया गया, जबकि विपक्षी टीम आक्रामक क्रिकेट खेलती रही।
4. प्लेइंग XI को लेकर विवाद
कई पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि गंभीर ने फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को भी ड्रॉप किया और कुछ खिलाड़ियों के चयन पर पारदर्शिता नहीं दिखाई। प्लेइंग XI को लेकर आंतरिक असहमति की खबरें भी आईं, जिससे माहौल बिगड़ गया।
गंभीर का ताज़ा बयान उनकी चिंताओं और दबाव को साफ दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन कुछ गलत फैसलों का असर परिणामों में दिखा है। वहीं, BCCI के सूत्रों के अनुसार बोर्ड जल्द ही टीम मैनेजमेंट की बैठक करेगा ताकि सीरीज हार के कारणों का विश्लेषण किया जा सके।
फिलहाल खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ आगामी टूर्नामेंट की तैयारी में जुट गए हैं, लेकिन गंभीर के भविष्य पर उठ रहे सवालों का जवाब आने वाले दिनों में ही मिल सकेगा।





