हेब्रोन। Hebron Displacement West Bank को लेकर रविवार को नया आंकड़ा सामने आया है। हेब्रोन के डिप्टी मेयर खालिद फहद अल-कवासमी ने हारेट्ज़ को बताया है कि सप्ताहांत से अब तक 2,231 फिलिस्तीनियों को उनके घरों से हटाया गया है। उनके मुताबिक, अब तक 373 परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया है। करीब 30 और परिवारों पर हटाए जाने का खतरा मंडरा रहा है।
यह कार्रवाई शुक्रवार को हेब्रोन के पास हुई गोलीबारी के बाद शुरू हुई थी। उस हमले में इजरायली सेना के दो जवान मारे गए थे और तीन घायल हुए थे। मारे गए जवानों की पहचान स्टाफ सार्जेंट रॉन योनातन रॉयटमैन और सार्जेंट युवाल शाई स्विलेमंड के रूप में हुई है। सेना ने कहा है कि दोनों हमलावरों को मार दिया गया। शुक्रवार रात से शनिवार के बीच हमलावरों के मोहल्ले से करीब 250 परिवारों को घरों से निकाला गया।
Hebron Displacement West Bank: घर बने सैन्य चौकियां
फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी वफा के मुताबिक, सैनिकों ने दक्षिणी हेब्रोन के खल्लत मन्ना और दहियत अल-ज़ैतून में घरों पर कब्जा कर लिया है। इन घरों को बैरक और निगरानी चौकियों में बदला गया है। दूसरे मोहल्लों में भी लोगों को घरों से निकालकर उनकी संपत्तियों को निगरानी के लिए इस्तेमाल किया गया है। हेब्रोन के सभी प्रवेश द्वार बंद हैं। शिक्षा निदेशालय ने रविवार और सोमवार के लिए स्कूल बंद कर दिए हैं। हेब्रोन विश्वविद्यालय और अल-कुद्स मुक्त विश्वविद्यालय ने रविवार की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। नगरपालिका का कहना है कि कचरा उठाने के रास्ते बंद होने से कचरा जमा हो रहा है।
चुनाव के दिन पूरे वेस्ट बैंक में सामान्य बंद
इजरायली सेना ने रविवार तड़के घोषणा की है कि मंगलवार को चुनाव के दिन पूरे वेस्ट बैंक में सामान्य बंद रहेगा। इस दौरान फिलिस्तीनी मजदूरों के आने-जाने पर रोक रहेगी और सभी जमीनी क्रॉसिंग बंद रहेंगे। रविवार और सोमवार को भी मजदूरों को वेस्ट बैंक की बस्तियों में काम पर जाने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ औद्योगिक क्षेत्रों और कुछ मंजूर इलाकों को छूट दी गई है। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने करीब 2,000 लोगों के विस्थापन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि जब तक हेब्रोन में हमास का ढांचा खत्म नहीं हो जाता, तब तक लोगों को लौटने नहीं दिया जाएगा।
अधिकार समूहों ने कहा सामूहिक सजा
इजरायल में नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ने सेना से हटाने की कार्रवाई रोकने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसी एक घटना के नाम पर पूरे शहर को सजा देना सामूहिक सजा है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। संगठन बी’टसेलेम ने चेतावनी दी है कि हेब्रोन में विस्थापन और ध्वस्तीकरण की योजना पहले से लागू हो रही है। आंकड़ों में थोड़ा अंतर भी है। उप महापौर ने 2,231 का आंकड़ा दिया है, जबकि रक्षा मंत्री ने करीब 2,000 लोगों की बात कही है। दोनों आंकड़े अलग-अलग स्रोतों से आए हैं, इसलिए इन्हें एक ही स्रोत का आंकड़ा नहीं मानना चाहिए।
संबंधित खबर: https://dainikrajeevtimes.com/saudi-riyadh-airport-reopens-houthi-missiles-intercepted-oct-25/
