टॉप-न्यूज़विदेश

हॉन्गकॉन्ग में भीषण आग से 44 की मौत: 8 इमारतों में बांस के मचान के जरिए फैली लपटें, 279 लोग घायल

हॉन्गकॉन्ग में भीषण आग से 44 की मौत: 8 इमारतों में बांस के मचान के जरिए फैली लपटें, 279 लोग घायल

हॉन्गकॉन्ग में सोमवार देर रात लगी भीषण आग ने शहर को दहला दिया। 35 मंजिलों वाली कई इमारतों में आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 8 बिल्डिंग इसकी चपेट में आ गईं। अधिकारियों के अनुसार, इस भयावह हादसे में अब तक 44 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 279 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

हादसा हॉन्गकॉन्ग के घनी आबादी वाले क्षेत्र में हुआ, जहां ऊंची इमारतों की संख्या काफी अधिक है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारतों के बाहर बनाए गए बांस के मचान (Bamboo Scaffolding) ने आग को फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई। हॉन्गकॉन्ग में निर्माण और मरम्मत कार्य के दौरान बांस के मचान का उपयोग पारंपरिक रूप से किया जाता है, लेकिन इस बार यह मचान आग के तेज फैलाव का कारण बन गया। तेज हवाओं और घनी संरचनाओं की वजह से आग मिनटों में कई इमारतों तक पहुंच गई।

दमकल विभाग ने राहत और बचाव कार्य में सैकड़ों फायर कर्मियों को लगाया। आग बुझाने का काम 10 घंटे से अधिक समय तक चलता रहा। कई जगहों पर ऊंचाई और तंग गलियों की वजह से दमकल कर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई परिवार अपने घरों में फंसे रहे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए क्रेन और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का सहारा लेना पड़ा।

घटना स्थल से जो तस्वीरें सामने आईं, वे इस त्रासदी की गंभीरता बयां करती हैं। 25 से अधिक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं, जिनमें धुएं से भरा आसमान, जलती इमारतें, चीख-पुकार के बीच भागते लोग और अपनी जान बचाते परिवारों की बेबसी साफ देखी जा सकती है। इस हादसे की भयावहता को देखते हुए इसे हाल के वर्षों में हॉन्गकॉन्ग की सबसे बड़ी आग की घटना बताया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतनी ऊंची इमारतों में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन किया गया था या नहीं। बांस के मचान के उपयोग को लेकर भी नए नियमों पर विचार किया जा रहा है।

हॉन्गकॉन्ग की सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का एलान किया है। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का भरोसा भी दिया गया है। कई देशों ने इस हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

यह हादसा फिर एक बार याद दिलाता है कि ऊंची इमारतों वाले शहरों में सुरक्षा मानकों का पालन और नियमित निरीक्षण कितना जरूरी है। थोड़ी सी चूक सैकड़ों लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

MORE NEWS>>>भारत को 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली, अहमदाबाद में होंगे गेम्स; 2036 ओलिंपिक की दावेदारी भी मजबूत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close