Follow Dainik Rajeev Times

Hormuz MT On Peace Attack: 11 भारतीय घायल, MEA की निंदा

Dainik R Times
3 Min Read

Hormuz MT On Peace Attack ने एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार, 6 अक्टूबर को Panama के ध्वज वाला वाणिज्यिक तेल टैंकर MT On Peace Strait of Hormuz में Oman के तट के पास एक प्रोजेक्टाइल से हमले का शिकार हुआ। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक जहाज के कुल 19 क्रू सदस्यों में 17 भारतीय नागरिक थे, और हमले में 12 क्रू सदस्य घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय हैं।

MEA ने बयान में कहा कि हमले की कड़ी निंदा की जाती है। मंत्रालय के शब्दों में, “क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले भारत के लिए गहरी चिंता का विषय हैं।” बयान में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने पर तत्काल रोक की मांग दोहराई गई।

घायल क्रू सदस्यों को Oman के अधिकारियों की मदद से सुरक्षित निकाला गया और वे अब Oman के Khasab में इलाज करा रहे हैं। भारत ने इस मदद के लिए Oman के अधिकारियों का धन्यवाद किया है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से नौवहन और व्यापार जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए।

MT On Peace Attack के बाद भारत की प्रतिक्रिया

MEA के बयान के अनुसार MT On Peace (IMO 9893204) पर हमला उसी दिन हुआ जब वह Strait of Hormuz से गुजर रहा था। मंत्रालय ने घायल भारतीय नाविकों के परिवारों के संपर्क में रहने और उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है।

यह घटना अकेली नहीं है। 3 अक्टूबर को MEA ने बताया था कि Kuwait के ध्वज वाले टैंकर MT Kazimah III पर Hormuz में प्रोजेक्टाइल हमले के बाद उस पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इससे पहले 1 अक्टूबर से तीन टैंकरों पर हमले हो चुके हैं, जिसके बाद G7 देशों ने आपात तेल भंडार से 100 मिलियन बैरल जारी करने पर सहमति जताई थी। पहले के Hormuz हमलों और G7 के फैसले पर हमारी विस्तृत खबर यहां पढ़ें।

क्षेत्र में बढ़ते हमलों की पृष्ठभूमि

हाल के हफ्तों में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। सोमवार को ही Black Sea में MV Royad Mammadov पर हुए हमले में दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई थी और एक भारतीय घायल हुआ था। Black Sea हमले की पूरी जानकारी यहां पढ़ें। MEA ने दोनों घटनाओं की निंदा करते हुए कहा है कि वाणिज्यिक जहाजरानी और नाविकों को निशाना बनाना “पूरी तरह अस्वीकार्य” है। अधिकृत बयान यहां उपलब्ध है।

Share This Article