गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया बिखरी: न स्पिन संभला, न पेस; यानसन ने लिए 6 विकेट, भारत 201 पर ढेर
गुवाहाटी टेस्ट में टीम इंडिया बिखरी: न स्पिन संभला, न पेस; यानसन ने लिए 6 विकेट, भारत 201 पर ढेर

गुवाहाटी में खेले जा रहे भारत-साउथ अफ्रीका टेस्ट मैच में टीम इंडिया पूरी तरह संघर्ष करती दिखाई दी। न स्पिन काम आया, न पेस—दोनों तरह की गेंदबाज़ी के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज़ जूझते नज़र आए। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ मार्को यानसन ने अपनी घातक गेंदबाज़ी से भारतीय बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। यानसन ने 6 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और भारत पहली पारी में सिर्फ 201 रन पर ऑलआउट हो गया। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका ने मैच में 314 रनों की विशाल बढ़त बना ली है और मज़बूत स्थिति में खड़ा है।
भारतीय बल्लेबाज़ फिर फेल—टॉप ऑर्डर ने किया निराश
टेस्ट क्रिकेट में लगातार भरोसेमंद माने जाने वाले भारतीय टॉप ऑर्डर ने इस मैच में भी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सलामी बल्लेबाज़ शुरुआत से ही संघर्ष करते दिखे और कोई भी लंबी पारी नहीं खेल पाया। जहां तकनीकी कमजोरी साफ दिखाई दी, वहीं साउथ अफ्रीका के गेंदबाज़ों ने भारतीय बल्लेबाज़ों को धैर्यहीन शॉट खेलने पर मजबूर किया।
मध्यक्रम भी जल्दी-जल्दी ढह गया और अनुभवी खिलाड़ियों से भी बड़ी पारी की उम्मीदें अधूरी रह गईं। भारतीय बल्लेबाज़ी की कमजोरी यानसन और कोएत्ज़ी की तेज गेंदबाज़ी के सामने उजागर हुई, जिन्होंने लंबी गेंदों और बाउंसरों से खूब परेशान किया।
यानसन की घातक गेंदबाज़ी—लाइन और लेंथ से किया तबाह
साउथ अफ्रीका के स्टार ऑलराउंडर मार्को यानसन मैच के हीरो साबित हुए। उन्होंने लगातार सही लाइन-लेंथ पर गेंद डाली, जिससे भारतीय बल्लेबाज़ असहज होते रहे। उनकी गेंदों में उछाल, सीम मूवमेंट और पेस का बेहतरीन मिश्रण देखा गया।
यानसन ने भारत के 6 महत्वपूर्ण विकेट निकालकर टीम इंडिया को उबरने का कोई मौका नहीं दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने टेलेंडर्स को भी आसानी से नहीं छोड़ा और पूरे भारतीय लाइनअप को दबाव में धकेल दिया। उनकी गेंदबाज़ी को इस मैच का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

स्पिन भी नहीं बचा पाया भारत—मौसम और पिच साथ नहीं दे पाए
गुवाहाटी की पिच को भारतीय टीम के लिए अनुकूल माना गया था, लेकिन स्पिनर भी उम्मीद के मुताबिक कारगर साबित नहीं हुए। बल्लेबाज़ों को स्पिन गेंदबाज़ी के खिलाफ सहज होने की उम्मीद थी, पर साउथ अफ्रीका ने स्पिन और पेस दोनों के खिलाफ रणनीतिक बल्लेबाज़ी की तकनीक दिखाकर मुकाबले में अपनी पकड़ मज़बूत कर ली।
भारतीय स्पिनर्स को पिच से खास मदद नहीं मिली, और विकेट्स की तलाश करते-करते काफी रन लुट गए।
साउथ अफ्रीका की विशाल बढ़त—भारतीय टीम पर दबाव चरम पर
पहली पारी में साउथ अफ्रीका ने मजबूत स्कोर बनाकर पहले ही दबाव बना दिया था। भारत के 201 पर सिमटने के बाद अब वे 314 रनों की बढ़त पर खड़े हैं, जो मैच में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। भारतीय टीम को अब दूसरी पारी में न केवल बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा, बल्कि गेंदबाज़ी में भी तेजी लानी होगी ताकि मैच ड्रॉ या जीत की उम्मीदें बची रहें।
भारत की चुनौती—कैसे वापसी होगी?
मैच में वापसी करना अब भारत के लिए आसान नहीं। बल्लेबाज़ों को तकनीक और धैर्य दोनों दिखाना होगा। टीम मैनजमेंट को भी रणनीति में बदलाव लाने की जरूरत है ताकि दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन बेहतर किया जा सके।





