Indore AI Deepfake FIR मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पेज के एडमिन के खिलाफ केस दर्ज किया है। पंढरीनाथ थाना पुलिस ने यह कार्रवाई कृषि विभाग के उप संचालक की शिकायत पर की है। आरोप है कि AI तकनीक से सरकारी अधिकारियों के डीपफेक चेहरे वाले भ्रामक वीडियो बनाए गए। इन वीडियो को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल किया गया।
‘कृषि क्रांति’ पेज पर वायरल हुए फर्जी Video
शिकायत के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ‘कृषि क्रांति’ नाम से एक पेज चलाया जा रहा है। इस पेज के एडमिन ने AI टूल की मदद से वीडियो तैयार किए। ये वीडियो शासकीय कर्मचारियों, सरकारी दफ्तरों और विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े थे। आरोप है कि इन वीडियो में अधिकारियों से मिलते-जुलते चेहरे डीपफेक तकनीक से बनाए गए।
इन वीडियो में राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ी भ्रामक सामग्री भी होने का आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, ये वीडियो मानहानिकारक और आपत्तिजनक हैं। कृषि विभाग ने साफ किया है कि इन फर्जी वीडियो का विभाग से कोई लेना-देना नहीं है।
BNS और IT Act के तहत केस दर्ज
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 356(1) के तहत मामला दर्ज किया है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी भी लगाई गई हैं। पेज का संचालक अभी अज्ञात है। साइबर सेल की मदद से उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है।
शिकायत में वीडियो के यूआरएल, डिजिटल रिकॉर्ड, आईपी लॉग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की मांग की गई है। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट खंगालकर पेज के एडमिन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। शिकायत कृषि विभाग के उप संचालक संदीप यादव ने दर्ज कराई है।
Indore AI Deepfake FIR की जांच आगे बढ़ी
यह मामला इंदौर के नए कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित कृषि विभाग से जुड़ा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। AI से बने फर्जी वीडियो का मामला सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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