इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों पर सियासत तेज, पीड़ितों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेताओं को रोकने पर BJP से टकराव

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सियासत गरमा गई है। शनिवार को कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने से कथित तौर पर रोका गया।
घटना के बाद इलाके में जमकर नारेबाजी हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि वे दूषित पानी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मिलने भागीरथपुरा पहुंचे थे, लेकिन वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाने लगे।
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने खड़े होकर नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप— “सच छिपाने की कोशिश”
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल ने जानबूझकर उनके नेताओं को पीड़ित परिवारों तक पहुंचने से रोका। कांग्रेस ने इसे “सच छिपाने की साजिश” करार देते हुए कहा कि वह हर पीड़ित की आवाज बनेगी और पीछे नहीं हटेगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दूषित पानी से हो रही मौतों पर सरकार जवाब देने के बजाय विपक्ष को रोकने में लगी है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे
वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को “बाहरी” बताते हुए वापस जाने के नारे लगाए। जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सरकार विरोधी नारेबाजी की। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस लगातार दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही और किसी तरह टकराव को बढ़ने से रोका गया।
दूषित पानी से अब तक 16 मौतें
यह पूरा विवाद इंदौर में दूषित पानी से जुड़ी मौतों के बढ़ते आंकड़े के बीच सामने आया है। अब तक इस मामले में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में पुष्टि हुई है कि इलाके में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य नहीं था और उसमें खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं।
65 वर्षीय हीरालाल की मौत से बढ़ा आक्रोश
भागीरथपुरा के रहने वाले 65 वर्षीय हीरालाल की 31 दिसंबर को मौत हो गई थी। बताया गया कि किसी परिचित से मिलने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में उनकी मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि दूषित पानी ने उनकी हालत बिगाड़ी।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस पूरे मामले ने शहर में जनआक्रोश और राजनीतिक तनाव दोनों बढ़ा दिए हैं। लोग साफ पानी की मांग कर रहे हैं और प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।




