70 लाख की आतिशबाजी, गर्भगृह में वरमाला… विधायक गोलू शुक्ला के बेटे की शादी पर सोशल मीडिया में बहस तेज
70 लाख की आतिशबाजी, गर्भगृह में वरमाला… विधायक गोलू शुक्ला के बेटे की शादी पर सोशल मीडिया में बहस तेज

इंदौर से भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे अंजनिश शुक्ला की शादी इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रही है। शादी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद यह आयोजन चर्चा और विवाद—दोनों का केंद्र बन गया है। जहां एक ओर समर्थक इसे भव्य और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा आयोजन बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसके खर्च और खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में वरमाला रस्म को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
भव्य आयोजन और धार्मिक थीम
वायरल वीडियो में शादी का आयोजन बेहद भव्य नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि पूरे वेन्यू को धार्मिक थीम पर सजाया गया था। मंच पर भगवान शिव की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसके सामने वरमाला की रस्म संपन्न हुई। साज-सज्जा में हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, भव्य लाइटिंग और पारंपरिक शिल्प कला का विशेष ध्यान रखा गया था। बड़ी संख्या में मेहमानों और हाई-प्रोफाइल लोगों की मौजूदगी भी वीडियो में साफ दिखाई दे रही है।
70 लाख की आतिशबाजी का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि शादी समारोह में केवल आतिशबाजी पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किए गए। इस दावे के बाद लोगों के बीच खर्च को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स इसे निजी आयोजन बताते हुए सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ लोग इसे सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधि से जुड़े व्यक्ति के लिए अनुचित ठहरा रहे हैं।
खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में वरमाला
सबसे ज्यादा सवाल खजराना गणेश मंदिर को लेकर उठ रहे हैं। आरोप है कि शादी की वरमाला रस्म मंदिर के गर्भगृह में करवाई गई, जहां आम श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होती। इसको लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। लोगों ने पूछा कि क्या नियम सभी के लिए समान हैं या फिर प्रभावशाली लोगों के लिए अलग व्यवस्था है।
मंदिर प्रशासन की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद मंदिर प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से सफाई दी गई। उनका कहना है कि यह आयोजन पूरी तरह धार्मिक भावनाओं और परंपराओं के अनुरूप किया गया था और इसमें किसी तरह के नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ। प्रशासन के मुताबिक, विशेष अनुमति और परंपरागत रीति-रिवाजों के तहत यह रस्म संपन्न कराई गई।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस शादी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कुछ लोग इसे आस्था और परंपरा से जुड़ा निजी समारोह बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सत्ता और विशेषाधिकार से जोड़कर देख रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सिर्फ शादी तक सीमित न रहकर समान नियम और वीआईपी कल्चर की बहस में बदल गया है।





