इंदौर कैंसर इम्यूनोथेरेपी: महंगी इलाज सुविधा अब सरकारी अस्पतालों में मुफ्त

इंदौर कैंसर इम्यूनोथेरेपी से मरीजों को बड़ी राहत
इंदौर कैंसर इम्यूनोथेरेपी को लेकर कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। इंदौर कैंसर इम्यूनोथेरेपी के तहत अब सरकारी कैंसर अस्पतालों में पात्र मरीजों को महंगी इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।
दरअसल निजी अस्पतालों में इस इंजेक्शन की एक डोज के लिए 85 हजार से 1.70 लाख रुपए तक खर्च करना पड़ता है। वहीं सरकार की नई योजना लागू होने के बाद यह उपचार जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क मिल सकेगा।
इम्यूनोथेरेपी क्या है और कैसे करती है काम
इंदौर कैंसर इम्यूनोथेरेपी आधुनिक कैंसर उपचार पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
दरअसल यह थेरेपी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करती है, जिससे शरीर खुद कैंसर कोशिकाओं से लड़ने लगता है। इसके अलावा यह उपचार कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।
कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार यह उपचार कई प्रकार के कैंसर में प्रभावी साबित हुआ है।
मुख्य उपयोग वाले कैंसर:
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फेफड़ों का कैंसर
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त्वचा का कैंसर
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सिर और गर्दन का कैंसर
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सर्वाइकल कैंसर
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मूत्राशय और पेट का कैंसर
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लिवर और किडनी कैंसर
छोटा तथ्य: इम्यूनोथेरेपी को आधुनिक कैंसर उपचार की प्रमुख तकनीक माना जाता है।
निजी अस्पतालों में बेहद महंगा इलाज
इंदौर कैंसर इम्यूनोथेरेपी फिलहाल निजी अस्पतालों में काफी महंगी मानी जाती है।
दरअसल एक इंजेक्शन की कीमत 85 हजार से 1.70 लाख रुपए तक पहुंच जाती है। वहीं कई मरीजों को उपचार के दौरान कई डोज की जरूरत पड़ती है।
इस कारण मरीजों का इलाज काफी महंगा हो जाता है और कई बार कुल खर्च 8 से 10 लाख रुपए तक पहुंच जाता है।
इलाज से जुड़े मुख्य तथ्य:
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एक डोज की कीमत: 85 हजार से 1.70 लाख
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कई मरीजों को कई डोज की जरूरत
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कुल इलाज खर्च: 8–10 लाख तक
छोटा तथ्य: महंगी लागत के कारण कई मरीज इस इलाज से वंचित रह जाते हैं।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध होगी दवा
अब सरकार इस दवा को सरकारी दवा खरीदी सूची में शामिल करने की तैयारी कर रही है।
दरअसल कैंसर विशेषज्ञ डॉ. ओपी गुर्जर के अनुसार सरकार से अनुमति मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद अप्रैल से यह दवा शासकीय कैंसर अस्पताल में उपलब्ध कराई जा सकती है।
हालांकि यह इंजेक्शन हर मरीज को नहीं दिया जाता। डॉक्टर मरीज की बायोप्सी रिपोर्ट, कैंसर की स्टेज और अन्य जांच के आधार पर तय करते हैं कि यह उपचार मरीज के लिए उपयुक्त है या नहीं।
प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
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मरीज की जांच और रिपोर्ट का मूल्यांकन
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डॉक्टर द्वारा उपचार की सलाह
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अस्पताल में निगरानी के साथ इंजेक्शन
छोटा तथ्य: यह इंजेक्शन केवल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में लगाया जाता है।
भारत में बढ़ते कैंसर मामलों की चुनौती
इसी बीच भारत में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि भी चिंता का विषय बन रही है।
दरअसल एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार भारत में वर्ष 2021 में ब्रेस्ट कैंसर के करीब 1.25 करोड़ मामले दर्ज किए गए थे। इनमें लगभग 99 प्रतिशत मामले महिलाओं के थे।
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2022 में भारत में 14.1 लाख नए कैंसर मामले सामने आए और करीब 9.1 लाख लोगों की मौत हुई।
मुख्य आंकड़े:
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ब्रेस्ट कैंसर के 1.25 करोड़ मामले
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99% मामले महिलाओं में
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2022 में 14.1 लाख नए कैंसर केस
छोटा तथ्य: विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक कैंसर से आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।
मरीजों के लिए राहत की उम्मीद
इंदौर कैंसर इम्यूनोथेरेपी योजना लागू होने के बाद हजारों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल महंगे इलाज के कारण कई मरीज उपचार नहीं करा पाते थे। वहीं अब सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सुविधा मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बड़ा फायदा होगा।
इससे पहले प्रदेश में कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई थीं।
इस मामले में विस्तृत अपडेट देखें कि सरकारी अस्पतालों में कैंसर इलाज सुविधाओं का विस्तार कैसे किया जा रहा है।
स्रोत:
अधिक जानकारी के लिए देखें
https://www.who.int


