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बीजेपी विधायक के घर घेराव में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता ने किया चाय-नाश्ता, वायरल फोटो से इंदौर की राजनीति में मचा घमासान

इंदौर। मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसने विरोध प्रदर्शन की गंभीरता और विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर में बीजेपी विधायक के घर घेराव करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता का नाश्ता करते हुए फोटो वायरल होने के बाद सियासी हलकों में हलचल मच गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर में बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस प्रदर्शन का मकसद सरकार और बीजेपी के खिलाफ नाराज़गी दर्ज कराना था। लेकिन प्रदर्शन के दौरान जो हुआ, उसने पूरे आंदोलन की दिशा ही बदल दी।

नाश्ता करते कार्यकर्ता की वायरल तस्वीर

घेराव के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी विधायक के समर्थकों के साथ चाय-नाश्ता करता हुआ नजर आया। किसी ने यह दृश्य कैमरे में कैद कर लिया और देखते ही देखते तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद कांग्रेस के प्रदर्शन की चर्चा से ज्यादा नाश्ता कांड की चर्चा होने लगी।

सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के तंज कसने लगे। किसी ने इसे “सॉफ्ट पॉलिटिक्स” बताया, तो किसी ने लिखा कि “घेराव कम और मेहमाननवाजी ज्यादा हो गई।” देखते ही देखते यह फोटो इंदौर की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन गई।

जीतू पटवारी ने मानी संगठनात्मक कमजोरी

मामले ने तूल पकड़ा तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी इस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी। प्रेस वार्ता में उन्होंने स्वीकार किया कि विपक्ष की भूमिका निभाने में कांग्रेस से कुछ चूक हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत होने की जरूरत है, ताकि ऐसे मामलों से आंदोलन की साख पर असर न पड़े।

कांग्रेस कार्यकर्ता का कबूलनामा और आरोप

विवाद बढ़ने के बाद संबंधित कांग्रेस कार्यकर्ता सामने आया और उसने सफाई दी। कार्यकर्ता का कहना था कि उसे जानबूझकर नाश्ता कराकर बदनाम किया गया। उसके मुताबिक यह बीजेपी की सोची-समझी साजिश है, ताकि कांग्रेस के आंदोलन को हल्का दिखाया जा सके। उसने दावा किया कि वह विरोध दर्ज कराने के लिए ही वहां गया था, लेकिन तस्वीर को गलत संदर्भ में पेश किया गया।

बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने

अब यह मामला सिर्फ एक वायरल फोटो तक सीमित नहीं रहा। बीजेपी इसे कांग्रेस की कमजोरी और गैर-गंभीरता का सबूत बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश और छवि खराब करने की कोशिश बता रही है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

इंदौर की राजनीति में ‘नाश्ता कांड’

फिलहाल इंदौर की सियासत में यह ‘नाश्ता कांड’ चर्चा का सबसे गर्म मुद्दा बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विरोध प्रदर्शन सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं, या विपक्ष वास्तव में सरकार को घेरने में गंभीर है।

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