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इंदौर विकास या प्रशासनिक विफलता? मोहन सरकार पर सज्जन सिंह वर्मा का तीखा हमला

इंदौर विकास या प्रशासनिक विफलता? मोहन सरकार पर सज्जन सिंह वर्मा का तीखा हमला

इंदौर के बिगड़ते हालात को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि इंदौर के हालात सुधारने की चिंता सरकार को दो साल बाद आ रही है, जो विकास नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता की खुली स्वीकारोक्ति है।

सज्जन सिंह वर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि इंदौर कोई प्रयोगशाला नहीं है, जहां हर सरकार अपनी नाकामी के प्रयोग करे और उसकी कीमत शहर की जनता चुकाए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इंदौर की जनता कब तक इस अदूरदर्शिता और नीतिगत भ्रम की कीमत चुकाती रहेगी।

BRTS और एलिवेटेड ब्रिज का मुद्दा

पूर्व मंत्री ने BRTS को लेकर भाजपा सरकार के फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब वे मंत्री थे और कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी, तब BRTS पर सुपर एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण के लिए न केवल टेंडर जारी किया गया था, बल्कि उसके लिए राशि भी स्वीकृत की जा चुकी थी।

लेकिन लोकतांत्रिक सरकार को गिराकर सत्ता में आई भाजपा सरकार ने उस टेंडर को रद्द कर दिया। सज्जन वर्मा ने कहा कि इसके बाद करोड़ों रुपये की लागत से बने BRTS को तोड़ दिया गया और उसे तोड़ने में भी करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए। उन्होंने इसे विकास नहीं बल्कि जनता के पैसे की खुली बर्बादी बताया।

फिर वही घोषणा, वही गलती

सज्जन सिंह वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि अब वही मोहन सरकार नवलखा से LIG तक एलिवेटेड ब्रिज बनाने की फिर से घोषणा कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि अगर यही काम पहले कर लिया गया होता, तो न BRTS तोड़ने की जरूरत पड़ती और न ही जनता का पैसा पानी में जाता।

उनका कहना है कि यह सरकार बिना दीर्घकालिक योजना के फैसले लेती है और फिर उन्हीं फैसलों को पलटने में जनता का पैसा खर्च कर देती है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार के पास न तो स्पष्ट विजन है और न ही शहर के भविष्य को लेकर ठोस रोडमैप।

विकास के नाम पर विनाश का आरोप

पूर्व मंत्री ने मोहन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि इस सरकार का एक ही ध्येय रह गया है— विकास के नाम पर विनाश और विनाश के नाम पर भ्रष्टाचार। उन्होंने कहा कि इंदौर जैसे शहर के साथ इस तरह का प्रयोग न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि शहर के विकास को वर्षों पीछे धकेलने वाला है।

जनता से सीधा सवाल

अपने बयान के अंत में सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर की जनता से सीधा सवाल किया— “इन मूर्खताओं और अदूरदर्शिता की जमात से आखिर कब छुटकारा पाओगे?” उनका कहना है कि अब समय आ गया है जब जनता को विकास और विनाश के फर्क को समझते हुए अपने फैसले लेने होंगे।

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