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इंदौर में इंडस्ट्रियल सेफ्टी पर सख्त रुख: कलेक्टर शिवम वर्मा ने उद्योगपतियों को दी चेतावनी

DR Times
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इंदौर। औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में सोमवार को इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर के उद्योगपतियों के साथ इंडस्ट्रियल सेफ्टी को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा से किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

औद्योगिक हादसों पर प्रशासन की चिंता

पिछले कुछ समय से औद्योगिक क्षेत्रों में आगजनी, मशीन हादसे और अन्य दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन्हीं घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने यह बैठक बुलाई। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि उद्योगों का विकास तभी सार्थक है जब वहां काम करने वाले कर्मचारियों की जान और सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित हो।

गाइडलाइन का पालन अनिवार्य

बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी उद्योगपतियों को प्रशासन की ओर से जारी इंडस्ट्रियल सेफ्टी गाइडलाइन की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कारखानों में फायर सेफ्टी, मशीन सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, सेफ्टी गियर और प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से लागू की जाएं।

कलेक्टर ने उद्योगपतियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कारखानों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करें और जहां भी कमी हो, उसे तुरंत दूर करें। इसके लिए जरूरी संसाधन जुटाने के लिए उन्हें सीमित समय की मोहलत भी दी गई है।

नियम नहीं माने तो सख्त कार्रवाई

कलेक्टर शिवम वर्मा ने दो टूक कहा कि आगामी दिनों में औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी उद्योग में सेफ्टी मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित उद्योग के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी हादसे की जिम्मेदारी सीधे उद्योग प्रबंधन की होगी।

कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि

बैठक में कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि कर्मचारी किसी भी उद्योग की रीढ़ होते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्योगपतियों की पहली जिम्मेदारी है। सुरक्षा उपकरणों की कमी, प्रशिक्षण का अभाव या लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के कई प्रमुख उद्योगपति, नगर निगम के अधिकारी और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी से यह अपेक्षा की गई कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित और हादसा-मुक्त बनाने में सहयोग करें।

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