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इंदौर में पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई, टाटा नेक्सॉन ईवी से 1 करोड़ 18 लाख नकद बरामद, तीन संदिग्ध हिरासत में

इंदौर के कनाडिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने सतत पेट्रोलिंग के दौरान एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिनांक 29 दिसंबर 2025 को एफआरवी (फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल) टीम द्वारा की जा रही नियमित गश्त के दौरान होटल प्रेसिडेंट के पास एक संदिग्ध टाटा नेक्सॉन ईवी कार खड़ी मिली, जिसकी जांच में 1 करोड़ 18 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

पेट्रोलिंग के दौरान बढ़ा शक

एफआरवी में ड्यूटी पर तैनात आरक्षक दुर्गेश दांगी (4111) और आरक्षक रामचरण दांगी (2169) ने होटल के पास खड़ी टाटा नेक्सॉन ईवी कार क्रमांक MP09 DR 8271 को संदिग्ध अवस्था में देखा। जब वाहन को चेक किया गया, तो उसमें तीन व्यक्ति बैठे पाए गए।

पूछताछ में घबराए आरोपी

कार में मौजूद व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार हुई—

  1. राजेश यादव, निवासी विजयनगर, इंदौर

  2. आनंद, निवासी प्रगति इनक्लेव, पिपल्याहाना, इंदौर

  3. प्रभात अग्रवाल, निवासी गणेश धाम कॉलोनी, इंदौर

पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान तीनों व्यक्ति घबराने लगे, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।

डिक्की से मिली भारी मात्रा में नकदी

संदेह के आधार पर जब वाहन की डिक्की की तलाशी ली गई, तो उसमें भारी मात्रा में नगद धनराशि पाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कार में मौजूद नकदी लगभग 1 करोड़ 18 लाख रुपये है, लेकिन वे इस रकम को रखने और ले जाने के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

वरिष्ठ अधिकारियों और आयकर विभाग को सूचना

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद तीनों संदिग्धों को वाहन सहित कनाडिया थाने लाया गया। विस्तृत पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि यह रकम Safelex International Ltd और Mantram Techno Fab Pvt Ltd से संबंधित है।

इनकम टैक्स विभाग करेगा जांच

चूंकि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी के वैध दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके, इसलिए आयकर विभाग (Income Tax Department) को पूरे मामले की सूचना दे दी गई है। अब आयकर विभाग द्वारा नकदी के स्रोत, लेन-देन और टैक्स संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस द्वारा नकदी और वाहन को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस और आयकर विभाग संयुक्त रूप से अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद इंदौर में हड़कंप मच गया है और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर इतनी बड़ी रकम कहां से लाई जा रही थी और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।

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