इंदौर में करणी सेना का प्रदर्शन: रैली की अनुमति न मिलने पर सुपर कॉरिडोर पर चक्काजाम, यातायात ठप
इंदौर में करणी सेना का प्रदर्शन: रैली की अनुमति न मिलने पर सुपर कॉरिडोर पर चक्काजाम, यातायात ठप

इंदौर में करणी सेना की प्रस्तावित रैली को प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने के बाद सियासी और सामाजिक माहौल गर्मा गया है। इसी फैसले के विरोध में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को शहर के महत्वपूर्ण मार्ग सुपर कॉरिडोर पर चक्काजाम कर दिया। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए, जिससे पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रैली की अनुमति न मिलने से भड़का आक्रोश
करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर की प्रस्तावित रैली को प्रशासन द्वारा मंजूरी नहीं दी गई थी। इस निर्णय से करणी सेना के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से रैली निकालना उनका अधिकार है और प्रशासन का यह फैसला एकतरफा है। इसी नाराजगी के चलते कार्यकर्ताओं ने सुपर कॉरिडोर को जाम करने का निर्णय लिया।
सुपर कॉरिडोर पर सैकड़ों कार्यकर्ता, लंबा जाम
सुबह से ही करणी सेना के कार्यकर्ता सुपर कॉरिडोर पर एकत्र होने लगे और देखते ही देखते सड़क पर बैठ गए। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और एंबुलेंस तक जाम में फंसी नजर आईं। कई लोग वैकल्पिक मार्गों से निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन मुख्य सड़क बंद होने के कारण पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। पुलिस लगातार कार्यकर्ताओं को समझाइश देने का प्रयास कर रही है ताकि यातायात को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष और नेतृत्व मौके पर मौजूद
इस प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के जिलाध्यक्ष ऋषिराज सिंह सिसोदिया अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण है और संगठन अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहा है। वहीं, करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने भी प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जताई और कहा कि रैली रोकना जनता की आवाज दबाने जैसा है।
आम जनता को हो रही परेशानी
चक्काजाम के चलते सबसे ज्यादा परेशानी आम नागरिकों को झेलनी पड़ रही है। लोग घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे समय और संसाधनों दोनों का नुकसान हुआ। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने प्रशासन और प्रदर्शनकारियों से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से बातचीत का दौर जारी है। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह चक्काजाम कब खत्म होगा और इंदौर की यातायात व्यवस्था कब सामान्य हो पाएगी।





