Indore monsoon withdraw हो गया है। शनिवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश से विदाई ले ली। इसके साथ ही इस साल का बरसात का मौसम आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की विदाई सामान्य समय पर हुई है। लेकिन इस बार बारिश का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। इंदौर शहर में इस सीजन औसत से काफी कम बारिश दर्ज की गई है।
Indore Monsoon: 37% कम बारिश, 4 साल का रिकॉर्ड
इंदौर शहर में इस मानसून सीजन 590.1 मिमी बारिश दर्ज हुई। यह औसत 929.4 मिमी से करीब 37% कम है। यह पिछले 4 साल में सबसे कम बारिश है। पूरे मध्य प्रदेश में 908.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी से करीब 4% कम है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में हालत ज्यादा खराब रही। यहां औसत से 12% कम बारिश दर्ज की गई। अलीराजपुर, धार, झाबुआ, इंदौर, उज्जैन और रतलाम समेत 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। हालांकि भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत 25 जिलों में सामान्य या इससे अधिक बारिश दर्ज की गई।
टैंकरों से होगी पानी की सप्लाई
कम बारिश का सीधा असर शहर की पानी की सप्लाई पर पड़ेगा। नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस अक्टूबर में 272 टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाएगी। पिछले साल अक्टूबर में 170 टैंकर लगाए गए थे। नर्मदा पाइपलाइन से नहीं जुड़ी बाहरी कॉलोनियों में हालत सबसे ज्यादा खराब रहने की आशंका है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 अक्टूबर को पूर्वी जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। बाकी हिस्सों में धूप खिली रहेगी। दिन में गर्मी और रात में ठंडक का अहसास बढ़ेगा।
यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में 8 अक्टूबर से आयुष्मान योजना का बहिष्कार होगा, जबकि मंडला में ₹36 करोड़ तेंदूपत्ता बोनस का वितरण किया गया। इस खबर की विस्तृत जानकारी Free Press Journal की इस रिपोर्ट में पढ़ें।
