इंदौर: कोचिंग सेंटर के बाहर अश्लील हरकतें करने वाला युवक पुलिस माफी के बाद फिर धमकी देने लगा
इंदौर: कोचिंग सेंटर के बाहर अश्लील हरकतें करने वाला युवक पुलिस माफी के बाद फिर धमकी देने लगा

इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक मनचला युवक अपने आपराधिक कृत्यों के कारण चर्चा में आ गया है। मामला एक कोचिंग सेंटर के बाहर घटित हुआ, जहां आरोपी विजयसिंह झाला ने सार्वजनिक रूप से अश्लील हरकतें कीं। छात्राओं को टॉफी का लालच देकर अपने पास बुलाने की कोशिश की और विरोध करने पर फायरिंग की धमकी दी।
कोचिंग संचालिका ने बताया कि युवक अक्सर कोचिंग के पास खड़ा होकर अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करता है और अर्द्धनग्न अवस्था में दिखता है। इस पूरी घटना का वीडियो संचालिका ने रिकॉर्ड कर पुलिस को सौंपा। वीडियो में आरोपी का व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें वह अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए छात्राओं को डराने की कोशिश कर रहा है।
संचालिका ने वीडियो लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के पास शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिक्षिका ने बताया कि जब वे शिकायत के साथ थाने पहुंचीं, तो पुलिस ने उनकी लिखित शिकायत तो दर्ज कर ली, लेकिन आरोपी से केवल माफीनामा लिखवाकर उसे छोड़ दिया।
मामले में शिक्षिका और कोचिंग संचालिका ने यह भी आरोप लगाया कि थाने से बाहर निकलते ही आरोपी ने फिर से गाली-गलौज और धमकियां देना शुरू कर दिया। यह घटना इलाके के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि इससे न केवल छात्राओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि यह मनचले व्यवहार को बढ़ावा भी देती है।
परदेशीपुरा थाना पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल माफीनामा लिखवाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जरूरी है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और अभिभावकों ने भी इस घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि बच्चों और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। ऐसे मनचलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ही समाज में सुरक्षा का संदेश जाएगा।
यह मामला यह भी दर्शाता है कि शिक्षिका और कोचिंग संचालिकाओं को ऐसे मनचलों की गतिविधियों पर सतर्क रहना चाहिए और तुरंत कानूनी कदम उठाना चाहिए। वीडियो सबूत इस बात में मददगार साबित हो सकते हैं कि आरोपी का वास्तविक व्यवहार सार्वजनिक रूप से कितना खतरनाक है।





