इंदौर में चूहों का आतंक बढ़ा, 2025 में दर्ज हुए 1250 रैट बाइट मामले, अस्पताल और शहर के पुल भी खतरे में
इंदौर में चूहों का आतंक बढ़ा, 2025 में दर्ज हुए 1250 रैट बाइट मामले, अस्पताल और शहर के पुल भी खतरे में

इंदौर, जिसे देश के सबसे साफ शहर के रूप में जाना जाता है, आज चूहों के आतंक से जूझ रहा है। साल 2025 में शहर में 1250 रैट बाइट (चूहों के काटने) के मामले दर्ज किए गए हैं। यह समस्या केवल नागरिकों के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रही बल्कि शहर की बुनियादी सुरक्षा और बड़े सार्वजनिक स्थल भी इससे अछूते नहीं हैं।
एमवाय अस्पताल में चूहों का आतंक
शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय अस्पताल में हाल ही में चूहों का आतंक सामने आया। सितंबर महीने में अस्पताल में चूहों के कारण मरीजों और परिजनों में डर का माहौल बन गया। अस्पताल प्रशासन ने मामले में कुछ कर्मचारियों और पेस्ट कंट्रोल एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन मरीजों के परिजन का कहना है कि बच्चों की मौत और अन्य घटनाओं में लापरवाही सीधे अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़ा करती है।
शास्त्री ब्रिज पर गड्ढा, चूहों का कारण
चूहों का आतंक सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं है। हाल ही में शहर के व्यस्त शास्त्री ब्रिज पर लगभग पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया। जांच में सामने आया कि इस गड्ढे के पीछे चूहों द्वारा की गई गतिविधियां मुख्य वजह हैं। सड़क और पुलों पर चूहों का प्रकोप न केवल निर्माण को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है।
एंटी-रेबीज डोज के लिए भीड़ बढ़ी
चूहों के काटने के मामलों में वृद्धि के कारण नागरिकों में डर का माहौल बढ़ गया है। हुकुमचंद पॉली क्लिनिक में रोजाना बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज डोज लगवाने के लिए आते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, चूहों के काटने वाले मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही सिरदर्द, बुखार, घाव में संक्रमण जैसी समस्याओं के भी मामले सामने आ रहे हैं।
शहर प्रशासन और नागरिकों की चिंता
चूहों के बढ़ते आतंक को लेकर शहर प्रशासन भी गंभीर है। नगर निगम ने कई क्षेत्रों में पेस्ट कंट्रोल अभियान चलाए, लेकिन समस्या जमीनी स्तर पर अभी भी गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि उचित सफाई, कूड़ा प्रबंधन और समय-समय पर कीटनाशक नियंत्रण ही इस संकट से निजात दिला सकता है।
इंदौर के नागरिकों का कहना है कि चूहों का यह आतंक न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है बल्कि शहर की साफ-सफाई और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंचा रहा है।





