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स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, इंदौर विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव कर दी आंदोलन की चेतावनी

इंदौर के मूसाखेड़ी स्थित विद्युत मंडल कार्यालय पर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद लगातार बढ़ते बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने बिजली विभाग के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का घेराव कर स्मार्ट मीटर हटाने और बढ़े हुए बिजली बिल माफ करने की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद आम उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। मध्यम वर्ग और गरीब परिवार इन बढ़े हुए बिलों से बुरी तरह परेशान हैं। रोजमर्रा के खर्चों के बीच बिजली बिल चुकाना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।


📢 “स्मार्ट मीटर बना जनता पर बोझ”

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से जबरन वसूली की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कई उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग में लिखित शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन न तो बिलों में सुधार हुआ और न ही विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब दिया गया।

इसी उपेक्षा और लापरवाही के खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरी है। प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


⏳ 7 दिन का अल्टीमेटम, वरना बड़ा आंदोलन

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह विरोध सिर्फ एक कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता की आवाज है। उन्होंने साफ कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी।

नेताओं ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो शहरभर में धरना-प्रदर्शन, घेराव और चक्काजाम जैसे कदम उठाए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि स्मार्ट मीटर लागू करने से पहले जनता को सही जानकारी नहीं दी गई और न ही इसकी पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई।


⚠️ स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर उठे सवाल

कांग्रेस ने सरकार और बिजली विभाग से मांग की कि स्मार्ट मीटर योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जब तक व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं होती, तब तक स्मार्ट मीटर को बंद किया जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।

नेताओं का कहना है कि बिना तैयारी और पारदर्शिता के लागू की गई यह व्यवस्था आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। खासकर निम्न और मध्यम वर्ग के परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


🔥 सियासी माहौल गरमाया

कुल मिलाकर, स्मार्ट मीटर को लेकर इंदौर में सियासी माहौल गरमाता नजर आ रहा है। कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद बिजली विभाग पर दबाव बढ़ गया है। यदि आने वाले दिनों में समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा और बड़ा राजनीतिक आंदोलन बन सकता है।

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