इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो और मेट्रोपॉलिटन रीजन विस्तार: सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा विज़न
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो और मेट्रोपॉलिटन रीजन विस्तार: सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा विज़न

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भविष्य को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक फैसला लिया है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन और शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो रेल को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है। रविवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कई अहम विकास योजनाओं पर अपनी मुहर लगाई।
बंगाली से खजराना तक अंडरग्राउंड मेट्रो
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि बंगाली चौराहा से खजराना चौराहे तक मेट्रो रेल पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) होगी। यही नहीं, यहां से एयरपोर्ट तक मेट्रो का हिस्सा भी अंडरग्राउंड रहेगा। बंगाली से एमजी रोड तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबे हिस्से को भूमिगत करने में 865 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। यह निर्णय 20 महीनों से चली आ रही तकनीकी और प्रशासनिक उलझनों का स्थायी समाधान माना जा रहा है।
मेट्रोपॉलिटन रीजन का ऐतिहासिक विस्तार
इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन का दायरा 9,989 वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर 14,550 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। यह चौथी बार है जब इस क्षेत्र का विस्तार किया गया है। अब यह रीजन रतलाम के पास दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) तक फैलेगा। इससे पीथमपुर, बदनावर के पीएम मित्रा पार्क, नागदा और रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र भी सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे। यह विस्तार उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
तीन बड़े प्रोजेक्ट और आगे की राह
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मेट्रो प्रोजेक्ट:
इंदौर में 31.32 किमी मेट्रो रिंग का निर्माण 2030 तक पूरा होने का लक्ष्य है। भूमिगत हिस्से के लिए नई एजेंसी तय करने और टेंडर प्रक्रिया में करीब 48 महीने लगेंगे। एनडीबी और एडीबी से पहले ही 1600-1600 करोड़ रुपये का लोन लिया जा चुका है, अब 865 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन लिया जाएगा। -
मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लान:
नए विस्तारित क्षेत्र के लिए सिचुएशन एनालिसिस रिपोर्ट दोबारा तैयार होगी। इसके बाद करीब छह माह में पूरे क्षेत्र का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। -
एलिवेटेड कॉरिडोर:
बीआरटीएस हटने के बाद एबी रोड पर एलआईजी से नौलखा चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। डिजाइन अप्रूवल के बाद काम शुरू होगा और इसके विस्तार को लेकर जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी।
विकास के व्यापक लाभ
इस फैसले से इंदौर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, उज्जैन-रतलाम में हवाई पट्टी, बेहतर रेल-हाईवे कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास, आईटी और फूड पार्क का विस्तार होगा। साथ ही उज्जैन, ओंकारेश्वर और देवास जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों को भी नई गति मिलेगी। इंटीग्रेटेड टाउनशिप और बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जल्द निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, सीएम डॉ. मोहन यादव का यह फैसला इंदौर को एक आधुनिक, औद्योगिक और वैश्विक शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।





