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इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर सियासत गरम, यूथ कांग्रेस का नगर निगम घेराव, ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 15 मौतों के विरोध में कांग्रेस और यूथ कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को इंदौर नगर निगम (IMC) कार्यालय के बाहर यूथ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया और इस त्रासदी को प्रशासनिक लापरवाही व भ्रष्टाचार का परिणाम बताया।

यह विरोध प्रदर्शन इंदौर शहर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन में प्रदेश यूथ कांग्रेस प्रभारी शिवी सिंह चौहान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, अमन बजाज, वरेशपाल सिंह जादौन, सीमा सोलंकी, मोनिका मांद्रे, प्रतीक मित्तल और बलवंत तटवाड़े सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

घंटी बजाकर जताया विरोध

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय के बाहर घंटी बजाकर विरोध दर्ज कराया और भाजपा शासित नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेडिंग पार कर निगम परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

कांग्रेस ने इस मामले में हर मृतक के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही दूषित पानी से बीमार हुए सभी लोगों के नि:शुल्क इलाज की मांग भी उठाई गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता और भ्रष्टाचार का नतीजा है।

इस्तीफे और FIR की मांग

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर के महापौर के तत्काल इस्तीफे की मांग की। पार्टी का कहना है कि जब तक राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की भी मांग की है।

“यह हादसा नहीं, सिस्टम की हत्या है”

सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि,
“यह कोई दुर्घटना नहीं है, बल्कि खराब शासन, असंवेदनशील प्रशासन और बेलगाम भ्रष्टाचार की देन है। विकास के नाम पर लोगों को जहरीला पानी पिलाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई।”

उन्होंने कहा कि देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर आज गंदे पानी से मौतों का गवाह बन रहा है, जो पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखेगी। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि यह लड़ाई केवल भागीरथपुरा की नहीं, बल्कि पूरे शहर के नागरिकों के जीवन और अधिकारों की है।

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