Indore Water Crisis अब दोहरे मोर्चे पर गहरा गया है। एक ओर Bhagirathpura में दूषित पानी से फैले Diarrhoea ने कई जानें ली हैं, तो दूसरी ओर शहर के सामने गर्मियों में पानी का बड़ा संकट खड़ा होता दिख रहा है।
मंगलवार रात MP सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि दूषित पानी से जुड़े Diarrhoea के कारण कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है। यह पुष्टि Mahatma Gandhi Medical College (MGM) के डॉक्टरों की 5 सदस्यीय टीम की रिपोर्ट के बाद की गई। टीम ने Bhagirathpura में हुई 21 मौतों के मेडिकल रिकॉर्ड, इलाज के ब्योरे और लक्षणों का बारीकी से अध्ययन किया।
रिपोर्ट के मुताबिक 15 मौतें Diarrhoea और उससे जुड़ी जटिलताओं से सीधे जुड़ी पाई गईं। जांच में पानी में खतरनाक बैक्टीरिया भी मिले थे। Indore के Divisional Commissioner Sudam Khade ने इन नतीजों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कुछ और मेडिकल जानकारी का इंतजार है।
पहले 6 बताई गईं मौतें, अब 15 की पुष्टि
इससे पहले सरकार आधिकारिक तौर पर सिर्फ 6 मौतों की पुष्टि कर रही थी। कुल मौतों की संख्या 10 बताई गई थी, जबकि स्थानीय लोगों का दावा 23 तक पहुंच गया था। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कुछ मौतें Diarrhoea से जुड़ी नहीं थीं।
सरकार ने पहले ही 18 मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख की राहत राशि दे दी थी। यह मदद मानवीय आधार पर दी गई, क्योंकि शुरुआती दौर में मृत्यु के सही कारण तय नहीं हो पा रहे थे। दिसंबर 2025 के आखिर में Bhagirathpura में दूषित पानी पीने के बाद लोगों को उल्टी और तेज Diarrhoea की शिकायत हुई थी।
आगे का संकट: Mayor ने ₹50 करोड़ राहत मांगी
इस बीच Indore के Mayor Pushyamitra Bhargava ने आने वाले दिनों में पानी के गंभीर संकट की चेतावनी दी है। उन्होंने राज्य सरकार से ₹50 करोड़ के राहत पैकेज की मांग की है। वजह है इस साल 27% कम बारिश — 1 June से 30 September के बीच Indore जिले में सिर्फ 633.1 mm बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 868.1 mm है।
Mayor ने बताया कि पिछले साल गर्मियों में शहर के करीब 6,000 ट्यूबवेल सूख गए थे। इसलिए इस बार विशेष तैयारी की जा रही है। शहर को रोज करीब 650 MLD पानी चाहिए, जिसमें 450 MLD Narmada नदी से मिलता है। इसलिए Narmada पाइपलाइन से थोक कनेक्शनों पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन से यह भी कहा गया है कि नए ट्यूबवेल खोदने पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। इसके बाद December में Narmada-Gambhir और Narmada-Kshipra Link Project के पानी से Yashwant Sagar और Bilawali तालाब भरे जाने की योजना है।
यह भी पढ़ें: Lokayukta Raid Indore: Head Constable के 15 ठिकानों पर छापा
यह भी पढ़ें: Ladli Behna 41वीं किस्त: 1.25 करोड़ महिलाओं को ₹1500
