जबलपुर के कमानिया गेट पर जैन समाज के विरोध में बवाल, कथित अपशब्दों के बाद लाठीचार्ज, पुलिस उपनिरीक्षक घायल

जबलपुर के कमानिया गेट क्षेत्र में जैन समाज के खिलाफ कथित अपशब्दों को लेकर शुक्रवार देर रात हालात तनावपूर्ण हो गए। विरोध के दौरान मारपीट, पुलिस हस्तक्षेप और लाठीचार्ज तक की नौबत आ गई। इस घटनाक्रम में कुछ नागरिकों के साथ एक पुलिस उपनिरीक्षक के घायल होने की सूचना है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला कमानिया गेट स्थित बड़कुल स्वीट के पास का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, स्थानीय दुकानदार राजकुमार जैन किसी काम से वहां खड़े थे। इसी दौरान उनकी दुकान के मैनेजर या उसकी सीट पर बैठे व्यक्ति से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान राजकुमार जैन के साथ गाली-गलौज की गई।
बेसबॉल डंडों से मारपीट का आरोप
विवाद बढ़ने पर सामने वाले पक्ष से जुड़े दो लोग बेसबॉल के डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और मारपीट की। राजकुमार जैन का आरोप है कि इस दौरान जैन समाज के खिलाफ आपत्तिजनक और अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे समाज में आक्रोश फैल गया।
सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात बिगड़ने से पहले दो आरोपियों को भीड़ से बचाकर हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि एक अन्य आरोपी दुकान के अंदर छिप गया था। पुलिस के अनुसार, यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो मॉब लिंचिंग जैसी स्थिति बन सकती थी।
बड़ी संख्या में जुटे समाजजन
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग कमानिया गेट पर एकत्र हो गए। भीड़ आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर उग्र हो गई। पुलिस ने पहले समझाइश देकर भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन हालात काबू में नहीं आए।
इसी दौरान भीड़ में अफरा-तफरी मच गई और एक युवक के साथ मारपीट की घटना सामने आई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, इस दौरान सब इंस्पेक्टर अनिल गौर समेत कुछ पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं, जिनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
तीन पर केस, दो गिरफ्तार
एडिशनल एसपी सिटी आयुष गुप्ता ने बताया कि राजकुमार जैन की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जैन समाज का आरोप
जैन समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध किया था और किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की। उनका आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए जैन युवकों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ नाबालिगों को भी चोटें आईं। समाज ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चार सीएसपी, 10 से अधिक थानों का बल और पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रखे हुए है ताकि किसी तरह की अफवाह से माहौल और खराब न हो।





