Jio IPO Allotment मंगलवार 27 अक्टूबर को फाइनल हो गया। जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। यह आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद हुआ था। अब आवेदक यह जान सकते हैं कि उन्हें शेयर मिले हैं या नहीं। शेयरों की लिस्टिंग बुधवार 28 अक्टूबर को सुबह 10 बजे होगी। लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दोनों पर होगी।
आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर था। एक लॉट में 12 शेयर थे। ऊपरी प्राइस पर कम से कम 13,428 रुपये का निवेश जरूरी था। संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 70.55 गुना भरी थी। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 14 गुना भरी थी। खुदरा निवेशकों की श्रेणी 2.72 गुना भरी थी।
Jio IPO Allotment: स्टेटस कहां और कैसे चेक करें?
एनएसई की वेबसाइट पर आवेदक इक्विटी और एसएमई आईपीओ बोली विवरण चुन सकते हैं। वहां सिंबल के तौर पर जियो प्लेटफॉर्म्स यानी जेपील चुनना होगा। इसके बाद पैन या आवेदन नंबर डालकर सबमिट करना होगा। बीएसई की वेबसाइट पर पहले इक्विटी श्रेणी चुननी होगी। फिर कंपनी की सूची से जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड चुनना होगा। पैन या आवेदन नंबर और कैप्चा डालकर स्टेटस देखा जा सकता है।
केफिन टेक्नोलॉजीज की वेबसाइट पर भी स्टेटस चेक किया जा सकता है। वहां आईपीओ की सूची से जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड चुनना होगा। इसके बाद आवेदन नंबर, पैन या डीमैट खाता नंबर डालना होगा। जिन आवेदकों को शेयर मिले हैं, उनके डीमैट खाते में शेयर 27 अक्टूबर को ही जमा होंगे। जिनको शेयर नहीं मिले, उनका पैसा उसी दिन वापस किया जाएगा।
ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम करीब 247 रुपये बताया जा रहा है। यह ऊपरी प्राइस बैंड से करीब 22 प्रतिशत ज्यादा है। इसके आधार पर सांकेतिक लिस्टिंग भाव करीब 1,366 रुपये बनता है। हालांकि यह आधिकारिक भाव नहीं है। ग्रे मार्केट का भाव लिस्टिंग से पहले बदल भी सकता है। इसलिए इसे पक्का मुनाफा नहीं मानना चाहिए।
इस आईपीओ में 27 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इसमें पुराने शेयरधारकों की ओर से कोई बिक्री नहीं हुई है। कंपनी 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज चुकाने में करेगी। बाकी रकम सामान्य कामकाज के लिए रखी जाएगी। कंपनी 5जी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सेवाओं, क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर ध्यान दे रही है।
इंदौर के सराफा बाजार के एक दुकानदार का वीडियो भी वायरल हो रहा है। उन्हें गोल्डन अंकल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें आईपीओ अलॉटमेंट मिला तो सराफा आने वालों को मुफ्त कुल्फी बांटेंगे। हालांकि आवेदन करने का मतलब अलॉटमेंट की गारंटी नहीं है। ज्यादा सब्सक्रिप्शन वाली खुदरा श्रेणी में अलॉटमेंट लॉटरी जैसी प्रक्रिया से होता है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ आता है, इसलिए फैसला अपने सलाहकार से सलाह लेकर करें।
