देश के पूंजी बाजार इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ आज अंतिम चरण में है। Reliance Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का मेगा इश्यू आज, 23 अक्टूबर को बिडिंग के लिए बंद हो रहा है। Jio IPO Day 3 पर निवेशकों का उत्साह इतना ज्यादा रहा कि सुबह 11 बजे तक ही इश्यू 6.39 गुना भर गया था।
तीनों निवेशक कैटेगरी में मजबूत मांग दिखी। Qualified Institutional Buyers (QIB) का हिस्सा 13.83 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि Non-Institutional Investors (NII) की कैटेगरी 8.11 गुना भरी। Retail निवेशकों ने भी जोरदार भागीदारी दिखाई — retail portion 1.76 गुना सब्सक्राइब हुआ।
Jio IPO Day 3 Subscription Status
तीसरे दिन की बिडिंग शुरू होते ही डेटा ने पिछले दोनों दिनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। Day 2 के बंद होने तक इश्यू 5.57 गुना भर चुका था और कुल बिड्स की कीमत ₹3.73 लाख करोड़ तक पहुंच गई थी। इसलिए Day 3 की सुबह से ही बाजार की नजरें बिडिंग आंकड़ों पर थीं, और सुबह 11 बजे के आंकड़ों ने उम्मीदों से ज्यादा प्रदर्शन किया।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह subscription आंकड़ा भारतीय बाजार के लिए ऐतिहासिक है। हालांकि, अंतिम सब्सक्रिप्शन नंबर दिन के बंद होने के बाद ही तय होंगे।
GMP और Listing Date: क्या है संकेत
Grey Market Premium (GMP) भी निवेशकों का उत्साह बढ़ा रहा है। Jio IPO का GMP ₹240–245 के आसपास चल रहा है, जो अपर प्राइस बैंड ₹1,119 के मुकाबले करीब 21–22 प्रतिशत ज्यादा है। इस हिसाब से शेयरों की लिस्टिंग ₹1,359–1,365 के आसपास होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
टाइमलाइन भी साफ है — शेयरों का Allotment 26 अक्टूबर को होगा और लिस्टिंग 28 अक्टूबर को NSE और BSE पर होगी। (Day 2 की स्थिति पर यहां पढ़ें)
Price Band, Minimum Bid और Brokerage Views
आईपीओ का Price Band ₹1,065–1,119 तय किया गया है। Minimum bid 12 शेयरों का है, यानी अपर बैंड पर न्यूनतम निवेश ₹13,428 होगा। यह पूरी तरह Fresh Issue है — इसमें कोई Offer for Sale (OFS) नहीं है। जुटाई गई रकम में से ₹27,500 करोड़ Reliance Jio Infocomm के मौजूदा कर्ज चुकाने में लगेंगे।
ब्रोकरेज फर्मों की राय भी सकारात्मक है। Arihant, Emkay, Swastika और Ventura जैसी फर्मों ने ‘Subscribe’ रेटिंग दी है और लॉन्ग टर्म के लिए इसे अच्छा दांव बताया है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श लें। अधिक जानकारी के लिए Economic Times की रिपोर्ट पढ़ें।
