उत्तराखंड के केदारताल ट्रेक मार्ग पर बड़ा हादसा हुआ है। Kedartal Trek पर हिमस्खलन के बाद लापता आठ लोगों में से दो के शव मंगलवार को मिल गए। एक शव पुरुष का है और दूसरा महिला का है। दोनों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। बचाव दल बाकी छह लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
Kedartal Trek पर 29 अक्टूबर को हिमस्खलन
यह दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुआ था। लौटते समय 29 अक्टूबर को भोज खड़क और कच्ची धांग के पास हिमस्खलन हुआ। दल के सात ट्रेकर और एक गाइड बर्फ में फँस गए। चार सहायक सदस्य 30 अक्टूबर को सुरक्षित गंगोत्री लौट आए। उन्होंने आठ लोगों के लापता होने की खबर दी। इसके बाद 31 अक्टूबर से बचाव अभियान शुरू हुआ।
खराब मौसम से जूझ रहा बचाव अभियान
मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बचाव दल ने फिर तलाश शुरू की। एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की आठ सदस्यीय टीम ने बर्फ के नीचे दबे दो शव निकाले। दोपहर करीब तीन बजे खराब मौसम के कारण तलाश रोकनी पड़ी। टीम बेस कैंप लौट आई। बुधवार को तलाश फिर शुरू होगी। हादसे वाली जगह पर 4,005 मीटर की ऊँचाई पर एक नया हेलीपैड भी बनाया जा रहा है।
दल में कौन-कौन शामिल था
इस दल में उत्तरकाशी के गाइड सिद्धार्थ राणा शामिल थे। उनकी उम्र 25 साल है। उत्तर प्रदेश की वर्तिका वर्मा भी इस दल में थीं। उनकी उम्र 28 साल है। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से पाँच दोस्त भी इस दल में थे। उनके नाम तपस बौरी, रतन घोष, मनोज खवास, रिंटू मंडल और उदय घोष हैं। सोमवार को बचाव दल को टेंट और सामान मिला था। हालांकि तब कोई ट्रेकर नहीं मिला था।
प्रशासन ने 4,000 मीटर से ऊँची जगहों पर ट्रेक की अनुमति रोक दी है। आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक शवों की पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी जाएगी। एवरेस्ट में हेलिकॉप्टर टक्कर में एक भारतीय पर्यटक की मौत हुई थी। नेपाल के डोल्पा में फंसे छह भारतीय पर्यटकों को हेलिकॉप्टर से बचाया गया था।
