कोलकाता के चोरबगान इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ (Kolkata stampede) को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने रविवार को विपक्षी दलों से बड़ी अपील की। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी पर कोई राजनीति न करे और राजनीतिक बयानबाजी से बचे।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहता। मैं विपक्षी दलों से भी यही अनुरोध करता हूं।” उन्होंने बताया कि उन्हें इस हादसे की पहली जानकारी शनिवार रात 8:20 बजे कोलकाता पुलिस आयुक्त से मिली थी। उनके शब्दों में, “शोक के इस माहौल में हम सबको मिलकर काम करना चाहिए।”
19 लोगों की जान लेने वाली इस भगदड़ के बाद राज्य में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने किसी दल का नाम लिए बिना कहा कि जिस पार्टी ने पहले राज्य में शासन किया था, उसके लिए इस त्रासदी पर राजनीति करना सही नहीं है। उनका कहना था कि उनके कार्यकाल में कई बड़ी आपदाओं में ज्यादा लोग मारे गए थे।
पुरानी आपदाओं का हवाला
अपनी बात को मजबूत करने के लिए Suvendu Adhikari ने कई पुराने हादसों का जिक्र किया। उन्होंने 31 मार्च 2016 को उत्तर कोलकाता में पोस्टा ब्रिज यानी विवेकानंद रोड फ्लाईओवर के ढहने का उल्लेख किया, जिसमें 7 लोग मारे गए थे और 80 से ज्यादा घायल हुए थे। इसके अलावा 4 सितंबर 2018 को दक्षिण कोलकाता में माजेरहाट ब्रिज का हिस्सा ढहने और जुलाई 2022 में उत्तर 24 परगना के पानीहाटी में मेले में हुई भगदड़ का भी उन्होंने हवाला दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले साल मानसून के दौरान दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता में डूबी बिजली की तारों के संपर्क में आने से 13 लोगों की करंट लगने से मौत हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि तब पूर्व मुख्यमंत्री क्या कर रहे थे। उनके मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में उत्तर बंगाल में आई अचानक बाढ़ में भी कई लोगों की मौत हुई थी, लेकिन उस वक्त राज्य प्रशासन कोलकाता में कार्निवल में व्यस्त था।
घायलों से मुलाकात, पूजा कार्यक्रम रद्द
इस बीच मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह अस्पताल में घायलों से मुलाकात करेंगे। राज्य सरकार ने इस दुखद हादसे के मद्देनजर दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़े सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।
पुलिस जांच में अब तक 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और फोरेंसिक टीम पंडाल की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि माइक पर “पंडाल गिरने वाला है” जैसा ऐलान सुनकर भगदड़ मची थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिजनों ने सरकार पर भरोसा जताया है और वह इस संकट की घड़ी में सबके साथ खड़े हैं।
