मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाया गया चीता ‘गौरव’ अब नहीं रहा। सोमवार 21 सितंबर को शाम करीब 4 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गौरव की उम्र 10 साल से ज्यादा थी।
गौरव को 12 सितंबर को जंगल में कमजोर और सुस्त हालत में पाया गया था। उसमें गंभीर डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों की कमजोरी दिखी थी। इसके बाद उसे पालपुर के क्वारंटीन बोमा में रखकर इलाज शुरू किया गया था।
कूनो नेशनल पार्क के निदेशक ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी पुरानी बीमारी की आशंका जताई गई है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। इसके लिए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
Project Cheetah को एक और झटका
गौरव की मौत के बाद कूनो में अब 51 चीते बचे हैं। इनमें 36 चीते भारत में ही पैदा हुए हैं। करीब 16 चीते जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। गांधी सागर अभयारण्य में 4 चीते और हैं। इस तरह देश में चीतों की कुल संख्या अब 55 रह गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक गौरव आखिरी नामीबियाई नर चीता था। प्रोजेक्ट चीता के तहत 2022 में चीतों को भारत लाया गया था। तब से कई चीतों की मौत हो चुकी है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर सवाल उठते रहे हैं। विस्तार से पढ़ें: IANS की रिपोर्ट। मध्य प्रदेश की और खबरें यहां पढ़ें: MP मौसम अलर्ट।

