मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के चीते KNG-22 को गोली मारने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर चीते को गोली मारने का आरोप है (Kuno Cheetah KNG-22)।
Kuno Cheetah KNG-22: दो भाइयों की गिरफ्तारी
एसटीएफ के अनुसार आरोपी भगवान सिंह और प्रीतम सिंह मुरैना जिले के रहने वाले हैं। दोनों श्योपुर जिले के विजयपुर के पास नितनवास गांव के जंगल में शिकार कर रहे थे। इसी दौरान 19 महीने के नर चीते KNG-22 को गोली लगी।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार भगवान सिंह को 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में मिली जानकारी के बाद उसके भाई प्रीतम सिंह को भी हिरासत में लिया गया। दोनों को सोमवार, 2 नवंबर को विजयपुर की अदालत में पेश किया जाना था।
एसटीएफ ने बताया कि भगवान सिंह ने पूछताछ में कहा कि उसने लाइसेंसी दोनाली देशी बंदूक से गोली चलाई थी। इसके बाद दोनों मौके से भाग गए थे। बाद में आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर मुरैना जिले के जंगल से हथियार बरामद किया गया।
25 अक्टूबर को घायल मिला था चीता
KNG-22 चीता निरवा का बच्चा था। 25 अक्टूबर को मॉनिटरिंग टीम को वह श्योपुर के क्षेत्रीय वन मंडल के कंपार्टमेंट 748 में घायल मिला था। पहले उसे कूनो लाया गया। फिर 26 अक्टूबर की रात उसे जबलपुर के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय भेजा गया।
वहां आपात सर्जरी में उसके शरीर से पांच छर्रे निकाले गए। छर्रों से उसकी रीढ़, कंधे और फेफड़े को नुकसान पहुंचा था। इलाज के दौरान 27 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजकर 10 मिनट पर उसकी मौत हो गई।
79 साल बाद गोली से चीते की मौत
चीते की मौत के बाद राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर को वन और पुलिस अधिकारियों की चार सदस्यीय एसटीएफ बनाई थी। केंद्र सरकार ने भी जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम भेजी है। एसटीएफ ने अब तक अवैध वन्यजीव व्यापार या संगठित गिरोह से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं पाया है।
इस मामले में पहले छह वनकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इनमें दो रेंजर, एक उप रेंजर और तीन गार्ड शामिल हैं। भारत में करीब 79 साल बाद किसी चीते को गोली मारी गई है। इससे पहले दिसंबर 1947 में कोरिया के महाराजा ने तीन चीतों को गोली मारी थी।
दोनों भाइयों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। प्रोजेक्ट चीता के तहत सितंबर 2022 में नामीबिया से चीते भारत लाए गए थे। देश में अब कुल 58 चीते हैं। इनमें 52 कूनो में हैं।
